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अर्द्धकुंभ तक निर्मल हो जाएगी गंगा : उमा
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 08 Dec 2014 12:19 PM IST
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केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री साध्वी उमा भारती ने कहा कि हरिद्वार अर्द्धकुंभ-2016 से पहले यहां गंगा निर्मल हो जाएगी।
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'नमामि गंगे का होमवर्क तैयार'
रविवार को पत्रकारों से उमा भारती ने कहा कि नमामि गंगे का होमवर्क तैयार कर लिया गया है। संसद सत्र चल रहा है, इसलिए इस समय वह गंगा की निर्मलता, सुंदरता व अविरलता के लिए कोई नई घोषणा नहीं कर सकती।
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सोमवार को राज्यसभा में गंगा को लेकर एक सवाल का उत्तर देना है। उस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। कहा, अर्द्धकुंभ पर फोकस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ उनकी बैठक हो चुकी है।
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उत्तराखंड के मुख्य सचिव और उनके मंत्रालय के सचिव नियमित रूप से गंगा को निर्मल बनाने की योजना पर बात कर रहे हैं। वन और पर्यावरण के चक्कर में ऋषिकेश में 100 करोड़ का एक प्रोजेक्ट भी फंसा है।
इसका हल निकालने के लिए मुख्यमंत्री और उनकी पर्यावरण मंत्रालय के साथ बैठक होगी। उमा ने कहा कि रिवर गंगा मिशन प्राधिकरण पहले पर्यावरण मंत्रालय के अंतर्गत था।
लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी ने मिशन को गंगा संरक्षण मंत्रालय में शामिल कर उन्हें प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बना दिया है। अब उन्हें बैठक बुलाने, निर्णय लेने और निर्णय क्रियान्वित करने का अधिकार मिल गया है।
नमामि गंगे के लिए बनीं तीन कमेटियां
उमा भारती ने बताया कि नमामि गंगे के क्रियान्वयन के लिए पर्यावरणीय, वित्तीय व तकनीकी आकलन समेत तीन कमेटियां बनाई गई हैं। इनमें संबंधित मंत्रालयों के अधिकारी, विशेषज्ञ व इंजीनियर शामिल हैं।
गंगा, रामगंगा और यमुना को निर्मल, सुंदर और अविरल बनाने के लिए 39-39 विशेषज्ञों की तीन टीमें बनाई गई हैं। तीनों टीमें नालों व नदियों में बने सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों, पंपिंग स्टेशनों की जांच कर उनकी स्थिति और जिन स्थानों पर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है वहां प्लांट बनाने के संबंध में निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। अब किसी भी ट्रीटमेंट प्लांट का मुंह गंगा की ओर नहीं खुलेगा।