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UKSSSC: पेपर लीक मामला: परीक्षा केंद्र में नीली कुर्सी की कहानी में नहीं कोई दम, ये नए तथ्य आए अब सामने

Mon, 29 Sep 2025 10:14 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 29 Sep 2025 10:14 AM IST
सार

पेपर लीक मामले में तमाम तरह की कहानियों के आधार पर आरोपों का दौर जारी है। इन सभी कहानियों और आरोपों को एसआईटी ने भी अपनी जांच में शामिल किया है। इन्हीं में से एक आरोप था कि खालिद को परीक्षा कक्ष में एक साजिश के तहत नकल करने की छूट थी।

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UKSSSC Paper leak case story of blue chair at the exam centre is baseless Uttarakhand news in hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरिद्वार के परीक्षा केंद्र में खालिद के लिए साजिशन नीली कुर्सी रखी गई थी। इस नीली कुर्सी की कहानी में एसआईटी की जांच में कोई दम नहीं निकला। परीक्षा कक्ष में एक नहीं बल्कि दो नीली कुर्सियां थीं। पूरे स्कूल में ही दो प्रकार की नीली और काली कुर्सियां हैं जिन्हें सभी कक्षों में रखा गया था। किसी कक्ष में नीली कुर्सियां ज्यादा थी तो किसी में काली। ऐसे में जब तथ्य की जांच हुई तो ये कोई नीली कुर्सी का राज नहीं बल्कि एक सामान्य व्यवस्था ही लगी।

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दरअसल, इस मामले में खालिद को लेकर कई कहानियां चल रही हैं। तमाम तरह की इन कहानियों के आधार पर आरोपों का दौर जारी है। इन सभी कहानियों और आरोपों को एसआईटी ने भी अपनी जांच में शामिल किया है। इन्हीं में से एक आरोप था कि खालिद को परीक्षा कक्ष में एक साजिश के तहत नकल करने की छूट थी। वह एक निर्धारित स्थान पर ही बैठे इसलिए कक्ष में एक अलग से नीली कुर्सी रखी गई थी। एसआईटी ने इस मामले में भी जांच की।टीम शनिवार को परीक्षा केंद्र पहुंची और कक्षाओं में कुर्सियों की स्थिति देखी। प्रबंधक और व्यवस्थापक से बात की गई।

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पता चला कि इस स्कूल में काली और नीली दो ही तरह की कुर्सियां हैं। जिस कक्ष में खालिद परीक्षा दे रहा था वहां पर दो नीली कुर्सियां रखी गई थीं। इत्तफाक से एक नीली कुर्सी पर खालिद बैठा था और दूसरी पर कोई ओर। एक कक्ष में सिर्फ दो काली कुर्सियां थीं बाकी सब नीली कुर्सियां थीं। किसी कक्ष में नीली ज्यादा थी तो किसी में काली। इसी के आधार पर स्कूल में छात्रों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इस तरह एसआईटी की जांच में ये आरोप बेदम नजर आए हैं।
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जैमर की रेंज में था खालिद का कक्ष
इस मामले में जैमर को लेकर भी तमाम सवाल उठे हैं। जांच हुई तो पता चला कि जिस कक्ष में खालिद परीक्षा दे रहा था वहां पर जैमर नहीं लगा था। एसआईटी ने जांच की तो पता चला कि इस कक्ष के दोनों तरफ के कक्षों में जैमर लगे हुए थे। एक जैमर की रेंज 10 से 15 मीटर तक होती है। ऐसे में यह कक्ष भी जैमर की रेंज की जद में था। यही कारण था कि खालिद ने कक्ष में मोबाइल से फोटो तो खींच लिए लेकिन उन्हें वहां से भेज नहीं पाया। फोटो भेजने के लिए वह वॉशरूम तक गया।

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नकल के चक्कर में रहा किए कुल 35 सवाल हल

खालिद कई दिनों से नकल करने की जुगत में लगा हुआ था। एक दिन पहले उसने मोबाइल छिपाया। उसे विश्वास था कि उसकी योजना सफल हो जाएगी। मोबाइल कक्ष में ले जाने में सफल भी हो गया और प्रश्नपत्र के तीन पन्ने बाहर भेज भी दिए। इनके उत्तर आते तब तक बात उजागर हो चुकी थी। ऐसे में उसे उत्तर नहीं मिले। वह नकल और अकल से कुल 35 सवाल ही हल कर पाया। इनमें से कुछ गलत भी हो सकते हैं। ऐसे में इतना साफ है कि खालिद इस परीक्षा में पास तो बिल्कुल नहीं होगा। तस्दीक के लिए अब आयोग से उसका रिकॉर्ड भी एसआईटी ने मांगा है।

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