Uksssc Paper Leak: नेपाल में रहकर दूसरी जगह भागने की फिराक में था मास्टरमाइंड मूसा, पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार
पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड मूसा को गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ जाल बिछाया था। गत दो सितंबर को उसका एक साथी संपन्न राव गिरफ्तार हुआ था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड एसटीएफ ने सैयद सादिक मूसा और उसके साथी योगेश्वर के भागने के हर रास्ते बंद कर दिए थे। वे सात दिनों तक नेपाल में भी रहे। वहां विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से दूसरे देश भागने का प्रयास किया, लेकिन हर जगह से एसटीएफ को सूचना मिलती रही। इसके बाद मूसा ने देहरादून कोर्ट में सरेंडर की अर्जी लगाई। मगर, एसटीएफ ने इसका भी कोई जवाब नहीं दिया।
UKSSSC : लखनऊ से शुरू हुई पेपर लीक की चेन बिजनौर होते हुए पहुंची उत्तरकाशी, अब तक 41 गिरफ्तारी
पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड मूसा को गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ जाल बिछाया था। गत दो सितंबर को उसका एक साथी संपन्न राव गिरफ्तार हुआ था। उसने बताया था कि वह मूसा और योगेश्वर को 30 अगस्त को बाराबंकी तक छोड़कर आया है। इसके बाद एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ समन्वय स्थापित किया। वहां नेपाल बॉर्डर पर भी पड़ताल की गई। इसके बाद मूसा और योगेश्वर राव पर पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ा दी।
खौफ में आ गया था मूसा
मूसा नेपाल तो चला गया, लेकिन वहां भी उसे पनाह नहीं मिल पाई। उसने तमाम एजेंसियों से संपर्क किया कि उसे सिंगापुर आदि जगहों पर भेज दे। मगर, इन एजेंसियों ने भी भारतीय एजेंसियों तक यह बात पहुंचा दी। सात दिन बाद मूसा और योगेश्वर लखनऊ आ गए। यहां से मूसा ने अपने वकील के माध्यम से सरेंडर अर्जी कोर्ट में लगाई।
इसके बाद एसटीएफ ने इसे भी गोपनीय ऑपरेशन के तहत रखा। तब मूसा को लग गया कि वह नहीं बचेगा। इधर, इनामी राशि बढ़ने से उसे उत्तर प्रदेश पुलिस का भी खौफ सताने लगा। आखिरकार उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश एसटीएफ के संयुक्त प्रयासों से बृहस्पतिवार को मूसा गिरफ्तार हो गया।