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Uksssc Paper Leak: नेपाल में रहकर दूसरी जगह भागने की फिराक में था मास्टरमाइंड मूसा, पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार

Fri, 16 Sep 2022 09:03 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 16 Sep 2022 09:03 PM IST
सार

पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड मूसा को गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ जाल बिछाया था। गत दो सितंबर को उसका एक साथी संपन्न राव गिरफ्तार हुआ था।

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UKSSSC paper leak case: Mastermind Musa filled surrender application before arresting
गिरोह का सरगना सैयद सादिक मूसा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड एसटीएफ ने सैयद सादिक मूसा और उसके साथी योगेश्वर के भागने के हर रास्ते बंद कर दिए थे। वे सात दिनों तक नेपाल में भी रहे। वहां विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से दूसरे देश भागने का प्रयास किया, लेकिन हर जगह से एसटीएफ को सूचना मिलती रही। इसके बाद मूसा ने देहरादून कोर्ट में सरेंडर की अर्जी लगाई। मगर, एसटीएफ ने इसका भी कोई जवाब नहीं दिया।

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पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड मूसा को गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ जाल बिछाया था। गत दो सितंबर को उसका एक साथी संपन्न राव गिरफ्तार हुआ था। उसने बताया था कि वह मूसा और योगेश्वर को 30 अगस्त को बाराबंकी तक छोड़कर आया है। इसके बाद एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ समन्वय स्थापित किया। वहां नेपाल बॉर्डर पर भी पड़ताल की गई। इसके बाद मूसा और योगेश्वर राव पर पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ा दी। 

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खौफ में आ गया था मूसा

मूसा नेपाल तो चला गया, लेकिन वहां भी उसे पनाह नहीं मिल पाई। उसने तमाम एजेंसियों से संपर्क किया कि उसे सिंगापुर आदि जगहों पर भेज दे। मगर, इन एजेंसियों ने भी भारतीय एजेंसियों तक यह बात पहुंचा दी। सात दिन बाद मूसा और योगेश्वर लखनऊ आ गए। यहां से मूसा ने अपने वकील के माध्यम से सरेंडर अर्जी कोर्ट में लगाई।

इसके बाद एसटीएफ ने इसे भी गोपनीय ऑपरेशन के तहत रखा। तब मूसा को लग गया कि वह नहीं बचेगा। इधर, इनामी राशि बढ़ने से उसे उत्तर प्रदेश पुलिस का भी खौफ सताने लगा। आखिरकार उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश एसटीएफ के संयुक्त प्रयासों से बृहस्पतिवार को मूसा गिरफ्तार हो गया।

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