उत्तराखंड फतह के लिए यूकेडी ने बनाया मास्टर प्लान
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उत्तराखंड क्रांति दल के विभिन्न धड़ों में एकता को लेकर 11 अप्रैल को पार्टी के धड़ों की बैठक होने वाली है। दिवाकर भट्ट की उक्रांद में वापसी के लिए यह बैठक अहम मानी जा रही है।
त्रिवेंद्र पंवार धड़े ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एपी जुयाल का एकता प्रस्ताव खारिज कर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि दिवाकर और काशी सिंह ऐरी एकता बैठक के बाद साथ आ सकते हैं।
दिवाकर और ऐरी के पहुंचने की संभावना
एपी जुयाल के प्रयास से 11 अप्रैल को मसूरी में हो रही बैठक में दिवाकर भट्ट और काशी सिंह ऐरी के पहुंचने की संभावना है। दिवाकर भट्ट अपनी सहमति बैठक के लिए दे चुके हैं।
हालांकि काशी सिंह ऐरी धड़े के कुछ नेताओं ने दिवाकर की वापसी पर सवाल खड़े किये हैं, लेकिन शीर्ष नेतृत्व के समझाने के बाद विरोध शांत हो गया है।
दोनों के आने से यूकेडी होगी मजबूत
दिवाकर और ऐरी के एकसाथ आने के बाद भी पार्टी की खेमेबाजी खत्म होती नहीं दिखती जब तक त्रिवेंद्र पंवार को साथ नहीं लिया जाता। हालांकि दोनों बड़े कद के नेताओं के साथ आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।
एकता बैठक को लेकर पार्टी प्रवक्ता नारायण सिंह रावत ने बताया कि एकता की दृष्टि से बैठक बेहद अहम है। उन्होंने बताया कि त्रिवेंद्र पंवार अब उक्रांद के अध्यक्ष नहीं है उनको केंद्रीय समिति पद से हटा चुकी है।
कप प्लेट मिलेगा किसको
उक्रांद का पार्टी चिन्ह कुर्सी सीज होने के बाद 2012 के विधानसभा चुनाव में त्रिवेंद्र सिंह पंवार धड़े को कप प्लेट चुनाव चिन्ह दिया गया था।
इस चिन्ह को लेकर उक्रांद के पंवार और ऐरी धड़े के बीच लोकसभा चुनाव में दावेदारी रहेगी। हालांकि पंवार धड़ा निर्वाचन आयोग में पंजीकृत है जिससे उनकी दावेदारी अधिक मजबूत दिख रही है।