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आमरण अनशन पर बैठे UKD नेता की हालत बिगड़ी
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 13 Nov 2015 11:16 AM IST
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अपनी पांच सूत्री मांगों को मनवाने के लिए देहरादून में आमरण अनशन पर बैठे उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता समीर मुखर्जी का स्वास्थ्य बिगड़ गया।
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बृहस्पतिवार सुबह उन्हें दून अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती मुखर्जी ने अन्न ग्रहण करने से इनकार कर दिया है। उनके आमरण अनशन को छह दिन हो चुके हैं। उनके साथी रणवीर कंडियाल भी पांच दिन से आमरण अनशन पर हैं।
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इससे पहले, आमरण अनशन पर बैठे यूकेडी के उपाध्यक्ष एनके गुसाईं का स्वास्थ्य बिगड़ने पर सोमवार को कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीस अगस्त से उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने घंटाघर स्थित इंद्रमणी बडोनी की प्रतिमा के नीचे धरना-प्रदर्शन शुरू किया।
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सरकार की ओर से संज्ञान नहीं लेने पर छह नवंबर से दल के उपाध्यक्ष एनके गुसाईं ने आमरण अनशन शुरू किया। उनके एक दिन बाद समीर मुखर्जी और अगले दिन आठ नवंबर को रणवीर कंडियाल ने अनशन शुरू किया। दल का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं।
दल के केंद्रीय महामंत्री जयदीप भट्ट ने कहा कि अनशन पर बैठे लोगों की मांगें राज्य के बेरोजगारों और राज्यहित में है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती अनशनकारियों ने अन्न ग्रहण करने से मना कर दिया है। उनकी तबियत बिगड़ रही है, लेकिन सरकार का रवैया उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार इतनी असंवेदनशील है तो अनशनकारी भी अपना हठ नहीं छोड़ेंगे। वहीं, यूकेडी के उपाध्यक्ष एनके गुसाईं ने दावा किया कि दल ने दीपावली का त्योहार नहीं मनाया। उन्होंने कहा कि गैरसैंण के स्थायी राजधानी घोषित होने के बाद ही दीपावली मनाई जाएगी।
ये हैं मांगें:
- तृतीय एवं चतुर्थ कर्मचारी श्रेणियों में की जा रही भर्ती में केवल राज्य के नौजवानों को मौका मिले।
- परिवहन निगम की जो भूमि ( पुराने बस अड्डे वाली) जीटीएम ग्रुप को दी गई है उसे वापस लिया जाए और किसी भी प्राइवेट को कंपनी को निगम की जमीन न दी जाए।
- केदारनाथ में आपदा घोटाले के सीबीआई जांच हो।
- मंडी परिषद रुद्रपुर में की गई अवैध नियुक्तियों को बर्खास्त करने और संवैधानिक तरीके से नई नियुक्ति की जाए।
- अनुच्छेद 309 (अनुच्छेद के तहत जो भी सरकारी नौकरी छोटी से छोटी और बड़ी नौकरी के लिए विज्ञप्ति जारी करेंगे) को सरकार प्रभावी तरीके से लागू करे।