Uniform Civil Code: विशेषज्ञ समिति ने सीएम धामी को सौंपी मसौदा रिपोर्ट, कल कैबिनेट बैठक में होगी चर्चा
यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने समिति का तीन बार कार्यकाल बढ़ाया। और आज वो दिन आ गया जब समिति करीब ढाई लाख सुझावों और 30 बैठकों में रायशुमारी के बाद तैयार हुआ ड्राफ्ट सीएम धामी को सौंपी।
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प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने अपनी मसौदा रिपोर्ट सीएम पुष्कर सिंह धामी को सौंपी। कल कैबिनेट बैठक में यूसीसी ड्राफ्ट रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद इसे छह फरवरी को विधानसभा में पेश किए जाने की उम्मीद है।
ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपने के लिए विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष जस्टिस (सेनि) रंजना प्रकाश देसाई और उनकी टीम मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन पहुंची। जहां उन्होंने सीएम धामी को रिपोर्ट सौंपी। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, लंबे समय से हमें इस ड्राफ्ट का इंतजार था, आज हमें ड्राफ्ट मिल गया है। हमने उत्तराखंड की जनता से वादा किया था कि नई सरकार के गठन के बाद हम समान नागरिक संहिता के लिए कानून बनाएंगे।
इस ड्राफ्ट का परीक्षण करने के बाद जो भी जरूरी औपचारिकताएं हैं उसे पूरा कर, ड्राफ्ट को विधानसभा में पेश कर विधेयक लाएंगे। इस रिपोर्ट को सौंपे जाने के साथ ही उत्तराखंड देश में सबसे पहले यूसीसी लागू करने वाला राज्य बनने के लिए एक और अहम कदम बढ़ा देगा।
#WATCH | The UCC Expert Committee constituted by the Uttarakhand Government meets CM Pushkar Singh Dhami before the submission of their draft report.
— ANI (@ANI) February 2, 2024
After the approval of the UCC draft report in the Cabinet meeting tomorrow, it is expected to be tabled in the Assembly on 6th… pic.twitter.com/lEM7z9cA2a
2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने यूसीसी लागू करने के लिए जस्टिस देसाई की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। ड्राफ्ट तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री ने समिति का तीन बार कार्यकाल बढ़ाया। इस दौरान समिति ने ऑनलाइन और ऑफलाइन आधार पर जनता से यूसीसी को लेकर सुझाव आमंत्रित किए।
#WATCH उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "लंबे समय से हमें इस ड्राफ्ट का इंतजार था, आज हमें ड्राफ्ट मिल गया है। हमने उत्तराखंड की जनता से वादा किया था कि नई सरकार के गठन के बाद हम समान नागरिक संहिता के लिए कानून बनाएंगे। इस ड्राफ्ट का परीक्षण करने के बाद जो भी… https://t.co/da7N5VJzAV pic.twitter.com/vnLVihpzO5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 2, 2024
विशेषज्ञ समिति ने उप समिति बनाकर उन्हें समाज के विशिष्ट लोगों, समाजसेवियों, धार्मिक नेताओं, संतों और जागरूक नागरिकों के साथ चर्चा की और सुझाव लिए। समिति ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरान किया और वहां खुली बैठकें में लोगों से सुझाव लिए। इस तरह समिति को करीब ढाई लाख सुझाव प्राप्त हुए। करीब तीस अलग-अलग बैठकों में उसे कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले। समिति ने केंद्रीय विधि आयोग के साथ भी यूसीसी पर चर्चा की। इस मैराथन कवायद के बाद समिति ने अपना ड्राफ्ट तैयार किया।
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अब आगे क्या
विशेषज्ञ समिति ने आज शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। तीन फरवरी को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार यूसीसी की ड्राफ्ट रिपोर्ट पर चर्चा करेगी और विधेयक को मंजूरी देगी। इसके बाद पांच फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान यूसीसी विधेयक को सदन पटल पर रखा जाएगा। छह फरवरी को इसे सदन में लाए जाने की संभावना है। सदन से पारित होने के बाद इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह अधिनियम बन जाएगा। हालांकि सियासी गलियारों में इसे राष्ट्रपति को भेजे जाने को लेकर भी चर्चाएं गरम हैं।