फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Unifrom Civil Code Expert Hands Over Draft To CM Dhami Discussion in Cabinet Meeting Tomorrow

Uniform Civil Code: विशेषज्ञ समिति ने सीएम धामी को सौंपी मसौदा रिपोर्ट, कल कैबिनेट बैठक में होगी चर्चा

Fri, 02 Feb 2024 02:53 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो , देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 02 Feb 2024 02:53 PM IST
सार

यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने समिति का तीन बार कार्यकाल बढ़ाया। और आज वो दिन आ गया जब समिति करीब ढाई लाख सुझावों और 30 बैठकों में रायशुमारी के बाद तैयार हुआ ड्राफ्ट सीएम धामी को सौंपी।

विज्ञापन
Unifrom Civil Code Expert Hands Over Draft To CM Dhami Discussion in Cabinet Meeting Tomorrow
सीएम से मिली यूसीसी विशेषज्ञ समिति - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति ने अपनी मसौदा रिपोर्ट सीएम पुष्कर सिंह धामी को सौंपी। कल कैबिनेट बैठक में यूसीसी ड्राफ्ट रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद इसे छह फरवरी को विधानसभा में पेश किए जाने की उम्मीद है।

विज्ञापन


विज्ञापन


ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपने के लिए विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष जस्टिस (सेनि) रंजना प्रकाश देसाई और उनकी टीम मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन पहुंची। जहां उन्होंने सीएम धामी को रिपोर्ट सौंपी। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, लंबे समय से हमें इस ड्राफ्ट का इंतजार था, आज हमें ड्राफ्ट मिल गया है। हमने उत्तराखंड की जनता से वादा किया था कि नई सरकार के गठन के बाद हम समान नागरिक संहिता के लिए कानून बनाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस ड्राफ्ट का परीक्षण करने के बाद जो भी जरूरी औपचारिकताएं हैं उसे पूरा कर, ड्राफ्ट को विधानसभा में पेश कर विधेयक लाएंगे। इस रिपोर्ट को सौंपे जाने के साथ ही उत्तराखंड देश में सबसे पहले यूसीसी लागू करने वाला राज्य बनने के लिए एक और अहम कदम बढ़ा देगा।

यूसीसी को लेकर सुझाव आमंत्रित किए
2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने यूसीसी लागू करने के लिए जस्टिस देसाई की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। ड्राफ्ट तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री ने समिति का तीन बार कार्यकाल बढ़ाया। इस दौरान समिति ने ऑनलाइन और ऑफलाइन आधार पर जनता से यूसीसी को लेकर सुझाव आमंत्रित किए।
 

विशेषज्ञ समिति ने उप समिति बनाकर उन्हें समाज के विशिष्ट लोगों, समाजसेवियों, धार्मिक नेताओं, संतों और जागरूक नागरिकों के साथ चर्चा की और सुझाव लिए। समिति ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरान किया और वहां खुली बैठकें में लोगों से सुझाव लिए। इस तरह समिति को करीब ढाई लाख सुझाव प्राप्त हुए। करीब तीस अलग-अलग बैठकों में उसे कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले। समिति ने केंद्रीय विधि आयोग के साथ भी यूसीसी पर चर्चा की। इस मैराथन कवायद के बाद समिति ने अपना ड्राफ्ट तैयार किया।

ये भी पढ़ें... Uttarakhand Budget 2024: फरवरी के अंतिम हफ्ते में आ सकता है प्रदेश का बजट, गैरसैंण में होगा सत्र

अब आगे क्या

विशेषज्ञ समिति ने आज शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। तीन फरवरी को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार यूसीसी की ड्राफ्ट रिपोर्ट पर चर्चा करेगी और विधेयक को मंजूरी देगी। इसके बाद पांच फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान यूसीसी विधेयक को सदन पटल पर रखा जाएगा। छह फरवरी को इसे सदन में लाए जाने की संभावना है। सदन से पारित होने के बाद इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह अधिनियम बन जाएगा। हालांकि सियासी गलियारों में इसे राष्ट्रपति को भेजे जाने को लेकर भी चर्चाएं गरम हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed