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Dehradun News: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगने वाले दो लोगों को कैद
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देहरादून। डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर शिक्षिका और उनकी मां से रकम ऐंठने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई है। एसीजेएम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सुनाए फैसले में दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला अगस्त 2024 का है। पीड़िता अनिहा बरार ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक 19 अगस्त को उन्हें एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को फेडेक्स कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से भेजे गए पार्सल में नशीले पदार्थ और अवैध सामान मिला है। इसके बाद ठगों ने खुद को मुंबई साइबर सेल, सीबीआई और आरबीआई का अधिकारी बताकर कार्रवाई का डर पैदा किया। आरोपियों ने स्काइप और व्हाट्सएप के माध्यम से करीब 10 दिन तक पीड़िता को डिजिटल हाउस अरेस्ट में रखा। गिरफ्तारी की धमकी देने के साथ उनकी बेटी को नुकसान पहुंचाने का भय भी दिखाया गया।
दबाव में आकर पीड़िता और उनकी मां ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.70 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। शिकायत के बाद पुलिस ने बैंक खातों और लेनदेन की जांच करते हुए हरियाणा के यमुनानगर निवासी मनी कुमार और राजस्थान के अजमेर निवासी दिनेश कुमार खींची को गिरफ्तार किया। विवेचना पूरी होने के बाद दोनों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना और तीन-तीन वर्ष की कठोर कैद तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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मामला अगस्त 2024 का है। पीड़िता अनिहा बरार ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक 19 अगस्त को उन्हें एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को फेडेक्स कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से भेजे गए पार्सल में नशीले पदार्थ और अवैध सामान मिला है। इसके बाद ठगों ने खुद को मुंबई साइबर सेल, सीबीआई और आरबीआई का अधिकारी बताकर कार्रवाई का डर पैदा किया। आरोपियों ने स्काइप और व्हाट्सएप के माध्यम से करीब 10 दिन तक पीड़िता को डिजिटल हाउस अरेस्ट में रखा। गिरफ्तारी की धमकी देने के साथ उनकी बेटी को नुकसान पहुंचाने का भय भी दिखाया गया।
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दबाव में आकर पीड़िता और उनकी मां ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.70 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। शिकायत के बाद पुलिस ने बैंक खातों और लेनदेन की जांच करते हुए हरियाणा के यमुनानगर निवासी मनी कुमार और राजस्थान के अजमेर निवासी दिनेश कुमार खींची को गिरफ्तार किया। विवेचना पूरी होने के बाद दोनों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना और तीन-तीन वर्ष की कठोर कैद तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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