फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   two million workers went on strike in Uttarakhand

दो लाख कर्मियों ने ‘छोड़े’ दफ्तर

Fri, 18 Oct 2013 08:20 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 18 Oct 2013 08:20 AM IST
विज्ञापन
two million workers went on strike in Uttarakhand

उत्तराखंड के विभिन्न विभागों के दो लाख सरकारी कर्मचारी राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले विभिन्न मांगों पर दफ्तर छोड़ बृहस्पतिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।

विज्ञापन


हड़ताल के पहले दिन ही सरकारी कार्यालयों में व्यापक असर नजर आया। दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। कामकाज ठप रहा, सैकड़ों लोग बैरंग लौटे। राजधानी में कर्मचारियों ने परेड ग्राउंड में जोरदार प्रदर्शन कर सरकार को ताकत का अहसास कराया।
विज्ञापन


पढें, सौतेले पिता ने बेटी को कर दिया 'गर्भवती'


शासनादेश जारी होने तक हड़ताल जारी
कर्मचारियों ने ऐलान किया कि मांगों के निस्तारण के संबंध में शासनादेश जारी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। बता दें कि कर्मचारी तीन दिन से कार्य बहिष्कार पर थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बीच शासन स्तर पर उनकी वार्ता भी हुई, लेकिन जीओ न आने से कर्मचारी माने नहीं। कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने बृहस्पतिवार से हड़ताल शुरू कर दी।

पढें, मोदी को प्रधानमंत्री बनाकर ही लौटूंगा हरिद्वारः रामदेव

यहां नहीं हुआ काम
विकास भवन, मंडी, एमडीडीए, व्यापार कर, आईटीआई, तहसील, समाज कल्याण, उद्यान, कृषि और सहकारिता आदि विभागों में कामकाज ठप रहा।

मांगा समर्थन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन, राजकीय नर्सेज संघ, मिनिस्टीरियल फेडरेशन, डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन, शिक्षक संघ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ से भी समर्थन मांगा है।


पढें, 'मोदी की आंधी में उखड़ जाएगा कांग्रेस का तंबू'

किसानों पर सबसे ज्यादा असर
हड़ताल का सबसे अधिक असर किसानों के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं पर पड़ा है। 19 से 29 अक्तूबर तक प्रदेशभर में प्रस्तावित कृषक महोत्सवों की तैयारी नहीं हो सकी है। हड़ताल लंबी चली तो इस बार महोत्सव नहीं हो सकेंगे। इससे किसानों को बीज, कृषि यंत्र आदि का वितरण नहीं किया जा सकेगा।

इनकी भी सुनिए
मुख्य सचिव ने शुक्रवार (आज) को हमें वार्ता के लिए बुलाया है। हम बातचीत के लिए जाएंगे, लेकिन आंदोलन तब तक जारी रखा जाएगा जब तक शासनादेश जारी नहीं हो जाता।
- अरुण पांडे, प्रांतीय प्रवक्ता, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed