जौलीग्रांट अस्पताल में दो मरीजों में डेंगू
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जौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल ट्रस्ट में भर्ती रहे दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। हालांकि, दोनों मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। एक मरीज हरिद्वार और दूसरा सहारनपुर जिले का रहने वाला है।
सीएमओ ने दून जिले में सभी अस्पतालों और स्कूलों को अलर्ट किया है। स्कूलों को निर्देश हैं कि अभिभावकों को कहें कि बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर स्कूल भेजें।
छह अगस्त को हिमालयन अस्पताल में दो मरीज भर्ती हुए। रैपिड टेस्ट में दोनों में डेंगू पॉजीटिव आने पर डॉक्टरों ने एलाइजा टेस्ट कराया। अभी रिपोर्ट भी नहीं आई थी कि हालत में सुधार होने पर परिजन मरीजों को घर ले गए। शुक्रवार को अस्पताल की ओर से सीएमओ दफ्तर को एलाइजा रिपोर्ट पॉजीटिव होने की सूचना मिली, जिससे दोनों मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो गई है।
इस पर दून के सीएमओ ने दोनों जिलों के सीएमओ को पत्र भेज दिया है, ताकि दोनों मरीजों के परिजनों, पड़ोसियों के सैंपल की भी जांच हो सके। साथ ही मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जाए।
अब तक हो चुकी छह मरीजों की पुष्टि
सीएमओ डॉ. एसपी अग्रवाल ने बताया कि इस सीजन में जिले के विभिन्न अस्पतालों में अब तक छह मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें दून जिले का कोई भी मरीज नहीं है। सीएमओ ने बताया कि नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग को संदिग्ध क्षेत्रों की सूची देकर फागिंग के निर्देश दिए हैं।
डेंगू के लक्षण
पेशाब, खासी या मसूड़ों में खून का आना और बुखार डेंगू के लक्षण हैं। खास किस्म के मच्छर के काटने से व्यक्ति के खून में प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं। स्वस्थ मनुष्य में डेढ़ से लाख से चार लाख तक प्लेटलेट्स होते हैं। यह संख्या बीस हजार से कम पहुंचने पर स्थिति गंभीर हो जाती है। मरीज को खून चढ़ाकर प्लेटलेट्स की मात्रा बढ़ाई जाती है।
ऐसे करें बचाव
- डेंगू का मच्छर साफ और रुके पानी में पनपता है, इसलिए घर या दफ्तर के आसपास पानी जमा ना होने दें।
- कूलर, फ्रीज, गमलों में पानी बदलते रहें।
- अमूमन डेंगू का मच्छर शाम के समय काटता है। इसलिए शाम के समय पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
- बिना डॉक्टर की राय के मरीज को कोई दवा न दें। इससे प्लेटलेट्स घटने का खतरा रहता है।