उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, दो की मौत, एक नदी में बहा
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पहाड़ पर जनजीवन पटरी पर आता दिखाई नहीं दे रहा। शुक्रवार को भी बारिश ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि एक युवक उफनती मंदाल नदी में बह गया। उधर, बदरीनाथ हाईवे पर चौथे दिन भी आवाजाही शुरू नहीं हो पाई।
बृहस्पतिवार को कंचन गंगा में भारी मात्रा में मलबा आने से पुलिस और एसडीआरएफ ने धाम के दर्शनों को पहुंचे करीब 40 तीर्थयात्रियों को शाम साढ़े सात बजे रेस्क्यू कर उनके गंतव्य को भेजा।
बागेश्वर में कपकोट के रातिरकेटी में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। उसकी शिनाख्त रातिरकेटी निवासी हरमल सिंह (35) पुत्र प्रेम सिंह के रूप में हुई है। जबकि कर्णप्रयाग के सेमी-मासौं मोटर मार्ग पर दो दिन से लापता युवक विनीत (22) निवासी सेमी-ग्वाड़ का शव बरामद हुआ है। उसका शव चट्टान पर अटका हुआ था।
पौड़ी के बरई गांव का दसवीं का छात्र विशाल (15) पुत्र विनोद कुमार उफनती मंदाल नदी में बह गया। घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है। विशाल रिखणीखाल में खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर घर लौट रहा था।
चौथे दिन बंद रहा बदरीनाथ हाईवे
उधर, तमाम कोशिशों के बावजूद बदरीनाथ हाईवे शुक्रवार को भी नहीं खोला जा सका। लामबगड़ में सुबह से ही बारिश लगी रही, जिससे बीआरओ की मशीनें भूस्खलन जोन में काम नहीं कर पाईं। जबकि उत्तरकाशी के हर्षिल तिलगाड तथा डबराणी में गंगोत्री हाईवे के बंद होने और खुलने का सिलसिला जारी है।
वहीं, यमुनोत्री हाईवे पर यातायात चालू हो गया है। हालांकि गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग बंद होने से शुक्रवार को केदारनाथ की पैदल यात्रा नहीं हो पाई। कुमाऊं में भी बाटनागाड़ में मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग बंद है। लोकनिर्माण विभाग मलबा हटाने में जुटा है। मलबा आने से सातशिलिंग-थल रोड भी दो घंटे बंद रही। यहां पांगला के पास अब भी मलबा गिर रहा है।