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सिलेंडर फटा, आग में जिंदा जल गए दो मासूम

Tue, 16 Jun 2015 03:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 16 Jun 2015 03:40 AM IST
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two child burn alive in hut.

देहरादून के कोटडा संतौर गांव में सोमवार दुपहर हुए अग्निकांड में दो मासूम भाई जिंदा जल गए, जबकि एक अन्य बच्ची बाल-बाल बच गई। तेज धमाके के साथ सिलेंडर फटने से आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। कुछ देर में ही दो झोपड़ियां में रखा सामान राख हो गया।

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दोनों मासूम बलिया (यूपी) के रहने वाले हैं, जो अपने माता-पिता के साथ नाना के यहां घूमने आए थे। आग कैसे लगी यह तो साफ नहीं हो पाया है।

प्रेमनगर थाना क्षेत्र के कोटडा संतौर गांव में नदी किनारे इशरफी अपने दो बेटों मुन्ना और नौशाद के साथ झोपड़ियां बनाकर परिवार के साथ रहता है। सोमवार दोपहर 12 बजे के करीब इशरफी अपनी पत्नी शकीना बेटे मुन्ना के साथ बलिया से आई बेटी नूर निशां, दामाद नाजिर हुसैन और दो साल की नाती के साथ प्रेमनगर में कपड़ों की खरीदारी करने चले गए।
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आठ जून को आई बेटी को परिवार समेत शाम को विदा करना था। झोपड़ी में मुन्ना के छोटे भाई की पत्नी सोनी के अलावा नूर निशां के चार और मुन्ना के दो बच्चे रह गए। दोपहर दो बजे के करीब सोनी पानी लेने के लिए चली गई। इसी बीच तीन बच्चे खेलने बाहर निकल आए जबकि मुन्ना की बेटी चुन्नू और नूर निशां के दो बेटे झोपड़ी में ही बैठे रहे।

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जलती झोंपड़ी से बच्ची को निकाल लाई पड़ोसी महिला

two child burn alive in hut.

दोपहर दो बजे के करीब अचानक एक झोपड़ी में आग लग गई। पड़ोस में रहने वाले शेर सिंह की पत्नी प्रमिता मुन्ना की चार साल की बेटी चुन्नू को बचाकर ले आई, लेकिन नूर निशां के दोनों बेटे अफसर और असलम अंदर ही रह गए। इसी बीच झोपड़ी में रखा गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। जिसके टुकड़े दूर तक जाकर गिरे।

आसपास के लोग भागकर भी आए, लेकिन तब तक सब कुछ राख हो चुका था। आग में अफसर (7) और असलम (4) जिंदा जल गए। इसी बीच दमक ल कर्मचारियों ने आग को बुझाया, तब जाकर बच्चों के जले शवों को बाहर निकाला जा सका। इस अनहोनी से परिवार में कोहराम मचा है। नूरनिशां का तो रोते-रोते बुरा हाल था। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।

पीड़ित परिवार को एक लाख की सहायता
जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को दोनों बच्चों की मौत पर 50-50 हजार की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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