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नन्हीं उम्र में इन जाबांजों के हौंसले को देश करेगा सलाम!

Fri, 18 Sep 2015 08:17 AM IST
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 18 Sep 2015 08:17 AM IST
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two boys of uttarakhand for national bravery award.

उत्तराखंड से इस बार दो बच्चों के नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए भेजे जाएंगे। इनमें टिहरी के अर्जुन (16) और पौड़ी के नवीन (17) का नाम शामिल है। अर्जुन ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए गुलदार के मुंह से अपनी मां को बचाया था। जबकि नवीन ने नदी में डूब रहे एक बच्चे को सकुशल बाहर निकालकर नई जिंदगी दी।

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उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए प्रदेश भर से दो बहादुर बच्चों के नाम मिले हैं। परिषद के संयुक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट के मुताबिक इन बहादुर बच्चों में राजकीय इंटर कालेज मथकुडीसैंण टिहरी के अर्जुन ने 16 जुलाई 2014 को उसकी मां पर झपटे गुलदार पर दरांती से वार कर उसे भागने पर मजबूर कर दिया।
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गुलदार के साथ हुए इस संघर्ष में वह भी घायल हो गया था। वहीं ढिकवाली गांव पौड़ी गढ़वाल के नवीन सिंह ने पश्चिमी नयार नदी में डूब रहे गांव के 13 वर्षीय मोहित को बचाया था। चार अगस्त वर्ष 2015 को मोहित पांव फिसलने से नयार नदी में गिर गया था।

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ऐसे होता है राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चयन

two boys of uttarakhand for national bravery award.

जनपदों से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए जो नाम आते हैं, उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद उनकी जांच कराने के बाद उन्हें भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली को भेजती है। इसके लिए अंतिम चयन भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से किया जाता है।

अभी और नामों की है गुंजाइश
उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से हर जिले के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए बच्चों के नाम मांगे जाते हैं। इसके लिए उन्हें फार्म भी दिया जाता है। इस बार अब तक दो बच्चों के नाम उनकी संस्तुति के साथ मिले हैं। 30 सितंबर इसकी अंतिम तिथि है। यदि कुछ और नाम आए तो उन्हें भी भेजा जाएगा।
-सुशील चंद्र डोभाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राज्य बाल कल्याण परिषद

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