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डॉलर के नाम पर ठगी में दो गिरफ्तार
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राजपुर पुलिस ने महामाया ट्रेवल्स कंपनी के संचालक श्रीयम अग्रवाल से डॉलर बदलने के नाम पर तीन लाख दस हजार की ठगी करने वाले दो बदमाशों को नासिक से गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इनका तीसरा साथी फरार होने में कामयाब रहा। आरोपियों के पास से एक लाख 80 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। दोनों ठग देहरादून में वारदात को अंजाम देने के बाद दिल्ली से हवाई जहाज से मुंबई गए थे।
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि दो जुलाई की रात ठगों ने आराघर स्थित महामाया ट्रेवल्स कंपनी के संचालक श्रीयम अग्रवाल को डॉलर के बदले भारतीय करेेंसी पाने के लिए राजपुर रोड स्थित लेमन ट्री होटल पेसिफि क मॉल में बुलाया था। उस दौरान एक ठग ने खुद का परिचय होटल मैनेजर के रूप में दिया था। आरोपियों ने 4500 यूएस डॉलर के बदले भारतीय करेंसी की डिमांड की थी। श्रीयम से तीन लाख 10 हजार रुपये लेकर ठग डॉलर लाने की बात कहकर मौके से फरार हो गए थे। जब काफी देर तक ठग वापस नहीं आए तो श्रीयम अग्रवाल ने होटल कर्मचारियों से संपर्क किया तो उसे ठगी का अहसास हुआ।
एसपी के मुताबिक जांच में पता चला कि तीन ठगों ने होटल का कॉन्फ्रेंस हाल बुक कराकर घटना को अंजाम दिया था। घटना को अंजाम देने के लिए इन्होंने लोकल सिम और कार का इस्तेमाल किया था। सिम मालिक और कार चालक से पूछताछ में पता चला कि बदमाश घटना को अंजाम देने के बाद कार से हरिद्वार पहुंचे। मोबाइल डाटा उठाकर माथापच्ची की गई तो नासिक के दो नंबराें की लोकेशन घटनास्थल के आसपास मिली। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से मिली तस्वीरों के आधार पर उप निरीक्षक आशीष रावत को नासिक (महाराष्ट्र) भेजा गया। पुलिस टीम ने ठग योगेश काले और शंशाक पंवार (निवासी नीलमणि पार्क, जेल रोड, नासिक) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर सोमवार को देहरादून लाया गया। इनका तीसरा साथी सागर भागने में सफल रहा। ट्रेवेल्स एजेंसी मालिक ने पुलिस टीम को 11 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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ठगी के बाद हवाई जहाज से गए नासिक
महामाया ट्रेवल्स कंपनी के संचालक श्रीयम अग्रवाल को ठगने के बाद तीनों आरोपी दून से किराए पर ली टैक्सी से हरिद्वार पहुंचे। इसके बाद दूसरी टैक्सी कर दिल्ली तक का सफर तय किया। दिल्ली से यह लोग विमान से मुंबई पहुंचे। इनका तीसरा साथी सागर चिटनिस 70 हजार रुपये लेकर फुर्र हो गया था। बाकी रकम इन लोगों ने मौज मस्ती में खर्च कर दी।
ई-रिक्शा चालक से बदला था सिम
ठगी की योजना को अंजाम देने के लिए ठगाें ने पहले लोकल सिम का इंतजाम किया था। एसओ राजपुर नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि यह लोग रिस्पना पुल से दीपनगर निवासी सुरेश पाल की ई-रिक्शा में सवार हुए थे। आरोपी योगेश काले ने फोन करने के बहाने सुरेश पाल के मोबाइल का सिम बदल दिया था। सुरेश पाल को इसकी भनक नहीं लगी। इसी सिम का इस्तेमाल कर ठगों ने श्रीयम अग्रवाल को शिकार बनाया था। पुलिस ने घटना के बाद सबसे पहले सुरेश पाल को उठाकर पूछताछ की थी, जिसमें सिम बदलने की बात सामने आई थी। एसटीएफ ऑफिस के बाहर पहुंचकर आरोपियों ने नरेश की टैक्सी को बुक किया था। टैक्सी को लेकर आरोपी होटल पहुंचे थे।
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पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि दो जुलाई की रात ठगों ने आराघर स्थित महामाया ट्रेवल्स कंपनी के संचालक श्रीयम अग्रवाल को डॉलर के बदले भारतीय करेेंसी पाने के लिए राजपुर रोड स्थित लेमन ट्री होटल पेसिफि क मॉल में बुलाया था। उस दौरान एक ठग ने खुद का परिचय होटल मैनेजर के रूप में दिया था। आरोपियों ने 4500 यूएस डॉलर के बदले भारतीय करेंसी की डिमांड की थी। श्रीयम से तीन लाख 10 हजार रुपये लेकर ठग डॉलर लाने की बात कहकर मौके से फरार हो गए थे। जब काफी देर तक ठग वापस नहीं आए तो श्रीयम अग्रवाल ने होटल कर्मचारियों से संपर्क किया तो उसे ठगी का अहसास हुआ।
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एसपी के मुताबिक जांच में पता चला कि तीन ठगों ने होटल का कॉन्फ्रेंस हाल बुक कराकर घटना को अंजाम दिया था। घटना को अंजाम देने के लिए इन्होंने लोकल सिम और कार का इस्तेमाल किया था। सिम मालिक और कार चालक से पूछताछ में पता चला कि बदमाश घटना को अंजाम देने के बाद कार से हरिद्वार पहुंचे। मोबाइल डाटा उठाकर माथापच्ची की गई तो नासिक के दो नंबराें की लोकेशन घटनास्थल के आसपास मिली। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से मिली तस्वीरों के आधार पर उप निरीक्षक आशीष रावत को नासिक (महाराष्ट्र) भेजा गया। पुलिस टीम ने ठग योगेश काले और शंशाक पंवार (निवासी नीलमणि पार्क, जेल रोड, नासिक) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर सोमवार को देहरादून लाया गया। इनका तीसरा साथी सागर भागने में सफल रहा। ट्रेवेल्स एजेंसी मालिक ने पुलिस टीम को 11 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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ठगी के बाद हवाई जहाज से गए नासिक
महामाया ट्रेवल्स कंपनी के संचालक श्रीयम अग्रवाल को ठगने के बाद तीनों आरोपी दून से किराए पर ली टैक्सी से हरिद्वार पहुंचे। इसके बाद दूसरी टैक्सी कर दिल्ली तक का सफर तय किया। दिल्ली से यह लोग विमान से मुंबई पहुंचे। इनका तीसरा साथी सागर चिटनिस 70 हजार रुपये लेकर फुर्र हो गया था। बाकी रकम इन लोगों ने मौज मस्ती में खर्च कर दी।
ई-रिक्शा चालक से बदला था सिम
ठगी की योजना को अंजाम देने के लिए ठगाें ने पहले लोकल सिम का इंतजाम किया था। एसओ राजपुर नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि यह लोग रिस्पना पुल से दीपनगर निवासी सुरेश पाल की ई-रिक्शा में सवार हुए थे। आरोपी योगेश काले ने फोन करने के बहाने सुरेश पाल के मोबाइल का सिम बदल दिया था। सुरेश पाल को इसकी भनक नहीं लगी। इसी सिम का इस्तेमाल कर ठगों ने श्रीयम अग्रवाल को शिकार बनाया था। पुलिस ने घटना के बाद सबसे पहले सुरेश पाल को उठाकर पूछताछ की थी, जिसमें सिम बदलने की बात सामने आई थी। एसटीएफ ऑफिस के बाहर पहुंचकर आरोपियों ने नरेश की टैक्सी को बुक किया था। टैक्सी को लेकर आरोपी होटल पहुंचे थे।