आतंकी हमले के बाद बढ़ी मनसरोवर यात्रियों की सुरक्षा, साथ में जाएंगे पुलिस के जवान
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अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के बाद अब कैलाश मानसरोवर यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। यात्रियों के हर दल के साथ अब पुलिस के दो जवान सेल्फ लोडिंग रायफल (एसएलआर) के साथ जाएंगे।
धारचूला से गुंजी तक यात्रियों के साथ एसएलआर के साथ पुलिस के दो जवान जाएंगे। बुधवार से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। गुंजी से आगे लिपुलेख दर्रे तक यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आईटीबीपी करती है।
पुलिस अधीक्षक अजय जोशी ने बताया कि हालांकि कुमाऊं क्षेत्र में किसी प्रकार की आतंकी गतिविधि की कोई सूचना नहीं है, फिर भी अंतरराष्ट्रीय महत्व की कैलाश मानसरोवर यात्रा में सावधानी के तौर पर यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि कैलाश यात्रियों की खतरनाक रास्तों पर मदद के लिए एसडीआरएफ के जवान पहले से ही तैनात हैं। इसके अलावा गुंजी में अस्थायी थाना भी यात्रियों की मदद के लिए खोला गया है।
दस दलों का अभी और जाना बाकी
अमरनाथ यात्रियों के साथ हुई घटना के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा की गई है। उन्होंने बताया कि धारचूला से गुंजी तक हर दल के साथ आते और जाते समय एसएलआर के साथ दो-दो पुलिसकर्मी जाएंगे।
पुलिसकर्मियों की यात्रियों के आने और जाने के क्रम के साथ ड्यूटी लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रियों के अब तक आठ दल जा चुके हैं। अभी दस दलों को और जाना है।
अब तक तीन दल यात्रा पूरी कर लौट आए हैं। भविष्य में जाने वाले हर यात्री दल के साथ सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध रहेगा। कैलाश मानसरोवर यात्रियों को धारचूला से नारायणआश्रम तक वाहन से जाना पड़ता है।
वहां से लिपुलेख दर्रे तक संपूर्ण यात्रा पैदल होती है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हर यात्री दल के बारे में सारी जानकारी लगातार जुटाई जा रही है। नियंत्रण कक्ष में हर दल की लोकेशन की जानकारी मिल जाती है।