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Dehradun News: ढाई साल की बच्ची एच-1 एन-1 पॉजिटिव
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I-बच्ची को दून अस्पताल में किया गया आइसोलेट
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I-जिले में कोविड की 47 जांच हुईं, सभी की रिपोर्ट नेगेटिवI
दून अस्पताल में एक ढाई साल की बच्ची इन्फ्लुएंजा-ए के साथ ही एच-1 एन-1 पॉजिटिव आई है। एच-1 एन-1 इन्फ्लुएंजा का सब टाइप है और यह स्वाइन फ्लू को प्रजेंट करता है। बच्ची को दून अस्पताल में भर्ती कर आइसोलेट किया गया है। इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को रिपोर्ट जारी की गई है। जिले में कोविड की 47 जांच की गई। हालांकि सभी रिपोर्ट निगेटिव है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीएस रावत ने बताया कि दून अस्पताल में एक ढाई साल की बच्ची इन्फ्लुएंजा पॉजिटिव पाई गई है। वहीं, दून अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची एच-1 एन-1 पॉजिटिव भी है। बता दें कि इन दिनों बच्चों के साथ ही बुजुर्ग भी इन्फ्लुएंजा-ए, एच-1 एन-1 और एच-3 एन-2 पॉजिटिव आ रहे हैं।
Iबच्चों में कर रहे इन्फ्लुएंजा की जांच : डॉ. मुखीजाI
दून अस्पताल के बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर मेजर डॉ. गौरव मुखीजा ने बताया कि बच्चों में इन्फ्लुएंजा की जांच हम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हमें बच्चों में एच-1 एन-1, एच-3 एन-1, एच-3 एन-2, एच-1 एन-2 का डर सता रहा है। यह सभी इन्फ्लुएंजा के सब टाइप है और स्वाइन फ्लू को प्रजेंट करते हैं। हालांकि हर साल बच्चों को सर्दी और जुकाम होता है तो इन्फ्लुएंजा-ए और बी की वजह से होता है। यह घातक नहीं होता है। इसके अलावा इन्फ्लुएंजा के सब टाइप की जांच में बच्चे बहुत कम ही पॉजिटिव आते हैं। इन्फ्लुएंजा के सब टाइप मरीज के फेफड़ों पर असर डालते हैं। इसमें घातक निमोनिया होता है।
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I-जिले में कोविड की 47 जांच हुईं, सभी की रिपोर्ट नेगेटिवI
दून अस्पताल में एक ढाई साल की बच्ची इन्फ्लुएंजा-ए के साथ ही एच-1 एन-1 पॉजिटिव आई है। एच-1 एन-1 इन्फ्लुएंजा का सब टाइप है और यह स्वाइन फ्लू को प्रजेंट करता है। बच्ची को दून अस्पताल में भर्ती कर आइसोलेट किया गया है। इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को रिपोर्ट जारी की गई है। जिले में कोविड की 47 जांच की गई। हालांकि सभी रिपोर्ट निगेटिव है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीएस रावत ने बताया कि दून अस्पताल में एक ढाई साल की बच्ची इन्फ्लुएंजा पॉजिटिव पाई गई है। वहीं, दून अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची एच-1 एन-1 पॉजिटिव भी है। बता दें कि इन दिनों बच्चों के साथ ही बुजुर्ग भी इन्फ्लुएंजा-ए, एच-1 एन-1 और एच-3 एन-2 पॉजिटिव आ रहे हैं।
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Iबच्चों में कर रहे इन्फ्लुएंजा की जांच : डॉ. मुखीजाI
दून अस्पताल के बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर मेजर डॉ. गौरव मुखीजा ने बताया कि बच्चों में इन्फ्लुएंजा की जांच हम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हमें बच्चों में एच-1 एन-1, एच-3 एन-1, एच-3 एन-2, एच-1 एन-2 का डर सता रहा है। यह सभी इन्फ्लुएंजा के सब टाइप है और स्वाइन फ्लू को प्रजेंट करते हैं। हालांकि हर साल बच्चों को सर्दी और जुकाम होता है तो इन्फ्लुएंजा-ए और बी की वजह से होता है। यह घातक नहीं होता है। इसके अलावा इन्फ्लुएंजा के सब टाइप की जांच में बच्चे बहुत कम ही पॉजिटिव आते हैं। इन्फ्लुएंजा के सब टाइप मरीज के फेफड़ों पर असर डालते हैं। इसमें घातक निमोनिया होता है।
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