शुक्रवार को बंद होंगे तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट, शीतकालीन गद्दीस्थल पर यहां होंगे विराजमान
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तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए आज (शुक्रवार) को विधि-विधान के साथ बंद कर दिए जाएंगे। भगवान तुंगनाथ की डोली शीतकालीन गद्दी स्थल मार्कंडेय मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान कर रात्रि प्रवास चोपता में करेगी।
तुंगनाथ धाम में प्रात: सात बजे से विशेष पूजा-अर्चना शुरू होगी। इस दौरान गर्भगृह में भगवान तुंगनाथ का श्रृंगार कर उन्हें भोग लगाया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान की भोग मूर्ति को चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान कर मंदिर परिसर में लाया जाएगा।
यहां पर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। विधि-विधान के साथ प्रात: 10 बजे तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
मंदिर की परिक्रमा कर भगवान तुंगनाथ की डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मार्कंडेय मंदिर मक्कूमठ के लिए प्रस्थान करते हुए पहले पड़ाव चोपता पहुंचेगी। 28 अक्तूबर को डोली भनकुन पहुंचेगी जहां अगले दिन भी विश्राम करेगी।
30 अक्तूबर को डोली शीतकालीन गद्दी स्थल मार्कंडेय मंदिर मक्कूमठ पहुंचेगी, जहां पूजा-अर्चना व धार्मिक अनुष्ठान के साथ भोग मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद अगले छह माह तक श्रद्धालु भगवान तुंगनाथ की पूजा-अर्चना व दर्शन यहीं करेंगे।