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Dehradun News: पहाड़-मैदान का भेद मिटाकर प्रदेश के विकास का करें प्रयास
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- उक्रांद केंद्रीय संरक्षक ने मौजूदा स्थिति पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। प्रदेश में पहाड़-मैदान को लेकर चल रही खींचतान को उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय संरक्षक सुरेंद्र कुकरेती ने चिंताजनक बताया है। उन्होंने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि सभी लोगों को पहाड़ व मैदान में बांटने की चल रही साजिशों को समझते हुए एकजुट होकर प्रदेश विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्हाेंने कहा कि कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के प्रति लोगों में जो आक्रोश था, वह केवल उनके बयान तक सीमित था, किसी समाज या वर्ग के प्रति ऐसी कोई भावना प्रदेशवासियों के मन में नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्री के इस्तीफे के बाद भी जिस प्रकार से राजनीतिक बयानबाजी हो रही है और, सोशल मीडिया पर पहाड़-मैदान को लेकर द्वंद चल रहा है यह प्रदेश को बांटने की साजिश है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल एक भूभाग नहीं है बल्कि यह प्रदेश के निवासियों के लंबे संघर्ष और 42 शहादतों की विरासत है। यह पहाड़ी राज्य है, और यहां रहने वाला हर व्यक्ति पहाड़ी है। पहाड़ प्रदेश का मुकुट है तो मैदान आंगन है, पहाड़ और मैदान उत्तराखंड के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर और पहाड़-मैदान में बांटने की साजिशों को नाकाम करते हुए एकजुट होकर प्रदेश के विकास में अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए।
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विकासनगर। प्रदेश में पहाड़-मैदान को लेकर चल रही खींचतान को उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय संरक्षक सुरेंद्र कुकरेती ने चिंताजनक बताया है। उन्होंने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि सभी लोगों को पहाड़ व मैदान में बांटने की चल रही साजिशों को समझते हुए एकजुट होकर प्रदेश विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्हाेंने कहा कि कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के प्रति लोगों में जो आक्रोश था, वह केवल उनके बयान तक सीमित था, किसी समाज या वर्ग के प्रति ऐसी कोई भावना प्रदेशवासियों के मन में नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्री के इस्तीफे के बाद भी जिस प्रकार से राजनीतिक बयानबाजी हो रही है और, सोशल मीडिया पर पहाड़-मैदान को लेकर द्वंद चल रहा है यह प्रदेश को बांटने की साजिश है।
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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल एक भूभाग नहीं है बल्कि यह प्रदेश के निवासियों के लंबे संघर्ष और 42 शहादतों की विरासत है। यह पहाड़ी राज्य है, और यहां रहने वाला हर व्यक्ति पहाड़ी है। पहाड़ प्रदेश का मुकुट है तो मैदान आंगन है, पहाड़ और मैदान उत्तराखंड के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर और पहाड़-मैदान में बांटने की साजिशों को नाकाम करते हुए एकजुट होकर प्रदेश के विकास में अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए।
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