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हाथी देख ट्रक चालक ने खोया कंट्रोल, दर्दनाक मौत

Fri, 05 Sep 2014 06:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार Updated Fri, 05 Sep 2014 06:16 PM IST
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truck driver died in accident

उत्तराखंड के कोटद्वार और दुगड्डा के बीच हाथियों का झुंड आ जाने से देर रात एक ट्रक हाईटेंशन की पुरानी लाइन के पोल में जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पोल के एंगल ट्रक के अंदर घुस गए। मौके पर ही वाहन चालक की मौत हो गईं।

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बुधवार देर रात दुगड्डा से कोटद्वार की ओर आते हुए एक छोटा ट्रक पांचवें मील के पास हाईटेंशन लाइन के पुराने पोल से टकरा गया। ट्रक को पूरण सिंह बिष्ट (39) पुत्र हुकुम सिंह बिष्ट निवासी ग्राम भवन अगरोड़ा पौड़ी गढ़वाल चला रहा था।
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टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हाईटेंशन पोल के एंगिल उसके शरीर में घुस गए जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई। पीछे से आ रहे अन्य वाहन चालकों ने 108 और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही दुगड्डा और कोटद्वार दोनों स्थानों से मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत और क्रेन की मदद से पोल में फंसे ट्रक को हटाकर शव निकाला।
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दुगड्डा के चौकी इंचार्ज एसआई जितेंद्र चौहान ने बताया कि घटनास्थल के पास हाथियों का झुंड घूम रहा था। सड़क पर एकाएक हाथी आने से ट्रक चालक पूरण घबरा गया और हाथी से बचने के लिए सड़क के किनारे हाईटेंशन के पुराने पोल से जा टकराया।

ट्रक चालक का परिवार यहां नजीबाबाद मार्ग पर किराए पर रहता है। हादसे की खबर लगते ही परिवार में कोहराम मचा है।

यहां चलने से पहले रहें सावधान

truck driver died in accident

यदि आप कोटद्वार और दुगड्डा के बीच चल रहे हैं तो सड़क पर संभलकर चलने की जरूरत है। यहां कभी भी सड़क पर हाथी धमक सकते हैं। हाथियों के झुंड के झुंड यहां सड़क पार कर खोह नदी में उतरते हैं। ऐसे में जरा सी असावधानी मौत को न्योता दे सकती है।

बुधवार देर रात हुए ट्रक हादसे को भी इसी असावधानी का परिणाम बताया जा रहा है। दबी जुबान से वाहन चालकों में यह चर्चा रही कि रात को सड़क पर हाथी विचरण कर रहे थे जिससे वाहन चालक घबरा गया।

हालांकि यह बात वन अधिकारियों के गले नहीं उतर रही है। एसीएफ जेएस रावत का कहना है कि हादसा तेज गति के कारण हुआ है, न कि हाथियों के आवागमन से। उनका कहना है कि सब जानते हैं कि यह क्षेत्र एलीफेंट कॉरीडोर में पड़ता है। ऐसे में यदि दूर से भी हाथी नजर आ रहे हों, तो उन्हें आराम से सड़क पार करने देना चाहिए।

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