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Dehradun News: पीएचसी थानो में एम्स के डॉक्टर करते इलाज, चिकित्सा प्रभारी की ड्यूटी वीआईपी
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Iचार बेड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव सुविधा भी नहींI
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) थानो के आसपास के गंभीर मरीजों को इलाज करवाने के लिए 15 किलोमीटर दूर डोईवाला सीएचसी या रायपुर सीएचसी जाना पड़ता है। चार बेड के इस पीएचसी में इमरजेंसी में इलाज और प्रसव की सुविधा नहीं है। यहां रोजाना ऋषिकेश एम्स की टीम इलाज करने आती है। यहां के प्रभारी की वीआईपी ड्यूटी ही चलती रहती है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थानो में सुबह 9 बजे से दोपहर तीन बजे तक ओपीडी चलती है लेकिन यहां इमरजेंसी की सुविधा नहीं है। ऋषिकेश एम्स से आने वाली टीम में सीनियर डॉक्टर, पीजी, इंटर्न, लैब टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, स्टोर कीपर, हाउस कीपिंग, नर्सिंग ऑफिसर, हॉस्पिटल अटेंडेंट और सिक्योरिटी गार्ड होते हैं। यह टीम सुबह नौ बजे से शाम 4.30 बजे तक ड्यूटी करती है।
दिसंबर में पूरा हो रहा कार्यभार
पीएचसी थानो की ओपीडी संचालित करने के लिए ऋषिकेश एम्स को कार्यभार दिया गया था। यह कार्यकाल पांच साल का था जो दिसंबर में समाप्त हो रहा है।
Iरायपुर सीएचसी में भी करने जाते मरीजों का इलाजI
थानो पीएचसी, रायपुर सीएचसी के अंतर्गत आता है। ऐसे में पीएचसी थानो के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. इंतखाब हुसैन की ड्यूटी रायपुर सीएचसी में भी लगती रहती है। इसके अलावा चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, वीआईपी ड्यूटी, पोस्टमार्टम और स्पोर्ट्स कॉलेज में ड्यूटी लगती रहती है। ऐसे में डॉक्टर के पास पीएचसी पर मरीजों के इलाज को समय ही नहीं बचता है।
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Iचंदन लैब खुलने से जांच की सुविधाI
पीएचसी में एक साल से चंदन लैब की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में मरीजों की निशुल्क जांच भी हो रही है। इसके अलावा पीएचसी में सिर्फ एक फार्मासिस्ट और एक डॉक्टर हैं। यहां वार्ड बॉय और स्वीपर नहीं हैं। एक होम्योपैथिक और एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। इन डॉक्टरों की फार्मेसी भी उपलब्ध है।
Iपीएचसी को सीएचसी में बदलने की मांगI
थानो पीएचसी में कुड़ियाल गांव, थानो, रामनगर डांडा, मेढ़ावाला, कल्लूवाला, इठारना, धारकोट, तलाई आदि गांवों के मरीज इलाज के लिए आते हैं। पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. इंतखाब हुसैन ने बताया कि यहां मरीज अधिक आते हैं और सुविधाएं उस हिसाब से नहीं हैं। यहां की सुविधाएं लाभार्थियों के हिसाब से तभी बढ़ेंगी जब इसे सीएचसी में बदला जाए।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) थानो के आसपास के गंभीर मरीजों को इलाज करवाने के लिए 15 किलोमीटर दूर डोईवाला सीएचसी या रायपुर सीएचसी जाना पड़ता है। चार बेड के इस पीएचसी में इमरजेंसी में इलाज और प्रसव की सुविधा नहीं है। यहां रोजाना ऋषिकेश एम्स की टीम इलाज करने आती है। यहां के प्रभारी की वीआईपी ड्यूटी ही चलती रहती है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थानो में सुबह 9 बजे से दोपहर तीन बजे तक ओपीडी चलती है लेकिन यहां इमरजेंसी की सुविधा नहीं है। ऋषिकेश एम्स से आने वाली टीम में सीनियर डॉक्टर, पीजी, इंटर्न, लैब टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, स्टोर कीपर, हाउस कीपिंग, नर्सिंग ऑफिसर, हॉस्पिटल अटेंडेंट और सिक्योरिटी गार्ड होते हैं। यह टीम सुबह नौ बजे से शाम 4.30 बजे तक ड्यूटी करती है।
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दिसंबर में पूरा हो रहा कार्यभार
पीएचसी थानो की ओपीडी संचालित करने के लिए ऋषिकेश एम्स को कार्यभार दिया गया था। यह कार्यकाल पांच साल का था जो दिसंबर में समाप्त हो रहा है।
Iरायपुर सीएचसी में भी करने जाते मरीजों का इलाजI
थानो पीएचसी, रायपुर सीएचसी के अंतर्गत आता है। ऐसे में पीएचसी थानो के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. इंतखाब हुसैन की ड्यूटी रायपुर सीएचसी में भी लगती रहती है। इसके अलावा चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, वीआईपी ड्यूटी, पोस्टमार्टम और स्पोर्ट्स कॉलेज में ड्यूटी लगती रहती है। ऐसे में डॉक्टर के पास पीएचसी पर मरीजों के इलाज को समय ही नहीं बचता है।
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Iचंदन लैब खुलने से जांच की सुविधाI
पीएचसी में एक साल से चंदन लैब की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में मरीजों की निशुल्क जांच भी हो रही है। इसके अलावा पीएचसी में सिर्फ एक फार्मासिस्ट और एक डॉक्टर हैं। यहां वार्ड बॉय और स्वीपर नहीं हैं। एक होम्योपैथिक और एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। इन डॉक्टरों की फार्मेसी भी उपलब्ध है।
Iपीएचसी को सीएचसी में बदलने की मांगI
थानो पीएचसी में कुड़ियाल गांव, थानो, रामनगर डांडा, मेढ़ावाला, कल्लूवाला, इठारना, धारकोट, तलाई आदि गांवों के मरीज इलाज के लिए आते हैं। पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. इंतखाब हुसैन ने बताया कि यहां मरीज अधिक आते हैं और सुविधाएं उस हिसाब से नहीं हैं। यहां की सुविधाएं लाभार्थियों के हिसाब से तभी बढ़ेंगी जब इसे सीएचसी में बदला जाए।