फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   transfer policy for army man family

अर्द्धसैनिकों की पत्नियों को मिला न्याय

Sat, 10 Jan 2015 10:24 AM IST
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 10 Jan 2015 10:24 AM IST
विज्ञापन
transfer policy for army man family

उत्तराखंड में सैनिकों की पत्नियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की पुत्री शिक्षिकाओं की तरह अब प्रदेश के अर्द्धसैनिकों की शिक्षिका पत्नियों को भी तबादले में छूट मिलेगी।

विज्ञापन


वे अनुरोध के आधार पर दुर्गम से सुगम अथवा वांक्षित स्थान पर स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगी। शिक्षा मंत्री ने इस बाबत निर्देश जारी कर दिए हैं। शासन स्तरीय समिति में इन शिक्षिकाओं के प्रकरणों की सुनवाई कर तबादले किए जाएंगे।
विज्ञापन


शिक्षकों की संशोधित तबादला नियमावली में प्रदेश के स्कूलों में तैनात सैनिकों की पत्नियों और स्वतंत्रता सेनानियों की पुत्रियों को अनुरोध के आधार पर तबादला करने का प्रावधान रखा गया है। लेकिन, प्रदेश से हजारों अर्द्धसैनिक होने के बावजूद उनकी शिक्षिका पत्नियों को इस दायरे से बाहर रखा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


26 दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने ‘अर्द्धसैनिकों की पत्नियों को सुगम नहीं’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में यह मसला उठाया था। इसका संज्ञान लेकर शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने ऐसी शिक्षिकाओं को भी राहत देने की पहल की है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि अर्द्धसैनिकों की पत्नियों के मामलों को तबादला नियमावली के नियम 29(1)(2) (अप्रत्याशित स्थानांतरण प्रकरण) में रखा जाएगा। कहा कि सैनिकों की पत्नियों की तरह अर्द्ध सैनिकों की पत्नियों को तबादलों में छूट का लाभ दिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव एस राजू ने कहा कि शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यह है नियम 29(1)(2)

transfer policy for army man family

ऐसे विशेष आकस्मिक, अप्रत्याशित स्थानांतरण प्रकरण जो नियमावली में शामिल नहीं हो सके हैं, उन पर शासन स्तरीय समिति निर्णय करेगी। प्रमुख सचिव और शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति जिसमें शिक्षा महानिदेशक, कार्मिक विभाग का प्रतिनिधि, महानिदेशक चिकित्सा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा की समिति ऐसे प्रकरणों पर तबादलों की संस्तुति करेगी।

पुरानी पेंशन योजना के वंचित शिक्षकों पर भी विचार
पुरानी पेंशन योजना के लाभ से छूट गए शिक्षकों को योजना से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कैबिनेट में प्रस्ताव लाने का आश्वासन दिया है। कैबिनेट से मंजूरी मिली तो प्रदेश के 450 शिक्षकों को योजना का लाभ मिलेगा। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष करनैल सिंह ने बताया कि इस मसले पर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पहले वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश से चर्चा की। इसके बाद बृहस्पतिवार देर रात मुख्यमंत्री से वार्ता की गई। मुख्यमंत्री ने जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इसलिए छूटे थे
राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री सरदार सिंह चौहान ने बताया कि वर्ष 2005 में प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति सीधी भर्ती से हुई थी। एक साथ चयन के बावजूद कुछ शिक्षक एक अक्तूबर 2005 से पहले नियुक्त हो गए थे, जबकि कुछ चयन सूची भेजने में देरी के चलते इसके बाद नियुक्ति पा सके। बाद में नियुक्ति पाने वाले 450 शिक्षक पुरानी पेंशन योजना से वंचित रह गए।

यह है पुरानी पेंशन योजना
पुरानी पेंशन योजना में सेवानिवृत्ति के बाद राजकीय कर्मचारी को आजीवन मासिक पेंशन दी जाती है। उसके निधन के बाद यह पेंशन पत्नी को आजीवन मिलती है। एक अक्तूबर 2005 को केंद्र सरकार ने पेंशनधारक पद समाप्त कर दिए थे। इसके स्थान पर अंशदायी पेंशन योजना शुरू की गई। इसके तहत कर्मचारियों के वेतन से कुछ हिस्सा काटा जाता है, कुछ रकम सरकार जमा करती है। सेवानिवृत्ति पर कर्मचारी को एकमुश्त रकम दी जाती है। मासिक पेंशन की व्यवस्था अब नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed