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रेंजरों के तबादलों पर वन विभाग का ‘यू टर्न’
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 12 Aug 2017 09:29 AM IST
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Transfer
उत्तराखंड वन विभाग में तबादलों का खेल सतह पर आ गया है। विभाग ने पचास से अधिक एसडीओ, वन क्षेत्राधिकारियों के तबादलों में संशोधन कर दिया है। ये तबादले 29 जून को ही हुए थे। इसमें एक रेंजर का तबादला कुछ अंतराल में ही तीन बार किया गया है।
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इसके बाद कई रेंजरों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को एक महीने में फैसला लेने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं वन विभाग ने केवल छह एसडीओ के तबादले किए थे, उसमें भी संशोधन आदेश जारी किया गया है।
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वन विभाग ने 29 जून को बड़ी संख्या में रेंजर, वन क्षेत्राधिकारियों और एसडीओ के तबादले किए थे, जिसके बाद मनचाही जगह को लेकर सिफारिश और दबाव का खेल शुरू हो गया। इसके बाद वन मुख्यालय ने एक के बाद एक संशोधन तबादला आदेश जारी करना शुरू किया। इसमें कुछ के तबादलों में बदलाव वनादेश की जगह सामान्य पत्र से कर दिया गया। 10 अगस्त आते-आते मुख्यालय ने 50 रेंजर के तबादलों में यू-टर्न लेते हुए उनके कार्य स्थल में बदलाव कर दिया।
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एक बार में ही 10 रेंजरों के स्थानांतरण स्थल में बदलाव कर दिया गया। ये बदलाव इतनी तेजी से हुए कि नए कार्य स्थल पर संबंधित अधिकारी पहुंच भी नहीं पाए और उससे पहले ही संशोधित स्थानांतरण आदेश पहुंच गया। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रेंजर पूजा रावत का डेढ़ महीने के अंदर तीन बार तबादला किया गया है।
उनको कालसी-2 फिर तिमली और फिर रिवर रेंज (चकराता और कालसी वन प्रभाग) में तबादला किया गया। इसी तरह दिनेश प्रसाद के तबादले में दो बार बदलाव हुआ। वन मंत्री हरक सिंह रावत के अनुसार यह परीक्षण कराया जाएगा कि किन परिस्थितियों में तबादलों में इतनी बड़ी संख्या में बदलाव किया गया है। उसी के अनुरूप फैसला लिया जाएगा।