जो खुद कर रहे हैं पढ़ाई, वह देंगे स्कूलों में शिक्षा
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उत्तराखंड के एक हजार से अधिक अप्रशिक्षित शिक्षक पढ़ाएंगे भी और खुद भी डिप्लोमा की पढ़ाई करेंगे।
इसके लिए शिक्षा विभाग ने इग्नू से डिप्लोमा इन एलीमेंट एजूकेशन (डीएलएड) के प्रशिक्षण की व्यवस्था कर दी है। डिप्लोमा कोर्स कर रहे शिक्षकों को अगर पढ़ाई के लिए एक-दो दिन छुट्टी की जरूरत पड़ेगी तो अवकाश दे दिया जाएगा।
केंद्र सरकार ने एक जुलाई, 2019 तक सभी शिक्षकों के लिए शिक्षण संबंधी डिग्री अनिवार्य कर दी है, जिस शिक्षक के पास शिक्षण से संबंधित कोई डिग्री नहीं होगी, उसकी सेवा समाप्त हो जाएगी।
अप्रशिक्षित शिक्षकों को डीएलएड करवा रहा शिक्षा विभाग
केंद्र के निर्णय के मद्देनजर शिक्षा विभाग इग्नू के जरिये अप्रशिक्षित शिक्षकों को डीएलएड करवा रहा है। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा आरके कुंवर ने बताया कि प्रदेश में 1070 अप्रशिक्षित शिक्षक हैं। इनमें 900 शिक्षा मित्र हैं।
इसके अलावा मृतक आश्रित और उर्दू शिक्षक हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों और इग्नू के स्टडी सेंटरों पर अप्रशिक्षित शिक्षकों को डिप्लोमा कोर्स कराया जा रहा है। इन शिक्षकों को पत्राचार की तर्ज पर कोर्स कराया जा रहा है। इससे इन्हें छुट्टी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डिप्लोमा की फीस शिक्षकों को अपने पास से देनी पड़ेगी। अप्रशिक्षित शिक्षकों को डिप्लोमा कराए जाने के संबंध में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटी) से अनुमति मिलने के बाद इग्नू से टाई-अप किया गया है। एनसीटी इस संबंध में गाइड लाइन तैयार करता है।