अब रेल से भी कर सकेंगे चारों धामों का सफर, यात्रा रूटों पर चलेंगी 18 ट्रेने
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राज्य में रेल परियोजनाओं का विस्तार होने जा रहा है। इस क्रम में रेल मंत्री के स्तर पर यह तय हुआ है कि चारों धामों के सबसे नजदीकी स्थलों तक रेल की पटरियां बिछाई जाएंगी।
यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जल्द ही इसका सर्वे आरंभ होगा। वहीं, ऋषिकेश से कर्णप्रयाग जाने वाली परियोजना का विस्तार जोशीमठ और सोनप्रयाग तक किया जाएगा।
गौरतलब है कि 125 किलोमीटर लंबे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग का सर्वे और टेक्निकल वेटिंग का काम पूरा हो चुका है। इस रेल मार्ग में कुल 17 सुरंगें होंगी। इन सुरंगों की कुल लंबाई 105 किमी है।
इसलिए इस मार्ग का लगभग 85 प्रतिशत भाग सुरंगों से होकर गुजरेगा। एक बार रेल ट्रैक का काम पूरा होने के बाद शुरुआत में इस पर चार ट्रेनें दौड़ेंगी। ये ट्रैक 16 से 18 ट्रेनों की क्षमता वाला होगा। यह ब्रॉड गेज सिंगल ट्रैक होगा, जिसमें सभी स्टेशनों पर ट्रेनों की पासिंग का प्रावधान होगा।
रेलमंत्री इस दिन रखेंगे आधारशिला
बीते दिनों चुनाव प्रचार के लिए गैरसैंण आए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने यह एलान किया था कि इस रेलवे ट्रैक का विस्तार किया जाएगा। भाजपा सरकार बनने के बाद इस दिशा में काम तेजी से बढ़ा है।
रेलवे विकास निगम लि. (आरवीएनएल) ने इसका प्राथमिक सर्वे भी संपन्न कर लिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि योजना का ध्येय चारों धाम की निकटतम कनेक्टिविटी वाले शहरों तक रेल लाइन को लाना है।
रेलवे बोर्ड ने फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए 120 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसकी आधारशिला रखने के लिए 13 मई को रेल मंत्री सुरेश प्रभु यहां आ रहे हैं। वे बद्री-केदार भी जाएंगे।
इस दौरान वे इलाके का एरियल सर्वे भी करेंगे। फाइनल लोकेशन सर्वे डिजिटल एलिवेशन मॉडल और एयर बॉर्न इलेक्ट्रो मैग्नेटिक सर्वे जैसी आधुनिकतम तकनीकि से किया जाएगा।