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देहरादून: यातायात नियमों का उल्लंघन रोकने को ड्रोन का बेड़ा बढ़ाएगी ट्रैफिक पुलिस
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यातायात नियमों का उल्लंघन रोकने और निगरानी के लिए ट्रैफिक पुलिस अपना ड्रोन का बेड़ा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। फिलहाल देहरादून में ड्रोन के माध्यम से चालान किए जा रहे हैं। अब प्रदेश के अन्य शहरों में भी ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए यातायात पुलिस जल्द ही कुछ ड्रोन खरीदने और किराये पर वेंडरों से लेने पर विचार कर रही है।
बता दें कि छह माह पहले देहरादून में ड्रोन से यातायात उल्लंघन पर चालान काटने की शुरुआत हुई थी। देहरादून पुलिस के पास अपना एक ड्रोन है। जबकि, एक ड्रोन प्राइवेट वेंडर से किराये पर लेकर चलाया जाता है। दून पुलिस ने एक और ड्रोन खरीदने के लिए प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, अभी यह प्रस्ताव पाइपलाइन में ही है। दून में इस दरम्यान तकरीबन एक हजार से ज्यादा चालान काटे जा चुके हैं। इनमें ज्यादातर चालान नो पार्किंग में खड़े वाहनों के किए जाते हैं।
यातायात पुलिस अधिकारियों के मुताबिक देहरादून में हुए इस प्रयोग में सफलता मिली है। ऐसे में प्रदेश के कुछ और शहरों में इसके इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। बता दें कि पुलिस फोर्स की कमी के चलते यह ड्रोन के इस्तेमाल का निर्णय लिया गया था। शहर के अलग-अलग इलाकों में पुलिस के जवान नियमों के उल्लंघन को देखकर चालान करते हैं। लेकिन, ड्रोन से एक जगह खड़े होकर शहर के बहुत बड़े हिस्से को कवर किया जा सकता है।
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दिक्कतें भी आती हैं ड्रोन से चालान में
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ड्रोन से चालान काटने में दिक्कतें भी काफी आती हैं। इनमें सबसे ज्यादा कैमरे के फोकस को लेकर समस्या होती है। ड्रोन कैमरों का फोकस ज्यादातर ऊपर से नीचे की ओर होता है। इसके फोकस में छोटे वाहनों की नंबर प्लेट नहीं आ पाती है। ऐसे में ड्रोन को काफी नीचे उड़ाना पड़ता है। ऐसे में कई बार दुर्घटना होने की भी संभावना रहती है। हालांकि, दून में अब तक दुर्घटना सामने नहीं आई है।
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यातायात निगरानी में बेहद मदद करता है ड्रोन
अच्छे रिजोल्यूशन वाले ड्रोन काफी महंगे होते हैं। इन्हें खरीदने के लिए भी बड़े बजट की आवश्यकता होती है। जबकि, पुलिस के पास पहले से ही बजट बेहद कम होता है। इसलिए इसका बड़े पैमाने पर प्रयोग नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार ड्रोन यातायात निगरानी में बेहद कामयाब साबित हुए हैं। जिन मार्गों पर जाम लगता है उनकी प्रतिदिन निगरानी ड्रोन से ही की जाती है। इसके बाद रूट डायवर्जन आदि की व्यवस्था को लागू किया जाता है।
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देहरादून में काफी समय से ड्रोन से चालान काटे जा रहे हैं। इसका प्रयोग प्रदेश के अन्य शहरों में भी किया जाएगा। इससे पुलिस फोर्स को काफी मदद मिलती है। इसके लिए आने वाले समय में ड्रोन की संख्या भी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। -मुख्तार मोहसिन, निदेशक यातायात
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बता दें कि छह माह पहले देहरादून में ड्रोन से यातायात उल्लंघन पर चालान काटने की शुरुआत हुई थी। देहरादून पुलिस के पास अपना एक ड्रोन है। जबकि, एक ड्रोन प्राइवेट वेंडर से किराये पर लेकर चलाया जाता है। दून पुलिस ने एक और ड्रोन खरीदने के लिए प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, अभी यह प्रस्ताव पाइपलाइन में ही है। दून में इस दरम्यान तकरीबन एक हजार से ज्यादा चालान काटे जा चुके हैं। इनमें ज्यादातर चालान नो पार्किंग में खड़े वाहनों के किए जाते हैं।
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यातायात पुलिस अधिकारियों के मुताबिक देहरादून में हुए इस प्रयोग में सफलता मिली है। ऐसे में प्रदेश के कुछ और शहरों में इसके इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। बता दें कि पुलिस फोर्स की कमी के चलते यह ड्रोन के इस्तेमाल का निर्णय लिया गया था। शहर के अलग-अलग इलाकों में पुलिस के जवान नियमों के उल्लंघन को देखकर चालान करते हैं। लेकिन, ड्रोन से एक जगह खड़े होकर शहर के बहुत बड़े हिस्से को कवर किया जा सकता है।
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दिक्कतें भी आती हैं ड्रोन से चालान में
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ड्रोन से चालान काटने में दिक्कतें भी काफी आती हैं। इनमें सबसे ज्यादा कैमरे के फोकस को लेकर समस्या होती है। ड्रोन कैमरों का फोकस ज्यादातर ऊपर से नीचे की ओर होता है। इसके फोकस में छोटे वाहनों की नंबर प्लेट नहीं आ पाती है। ऐसे में ड्रोन को काफी नीचे उड़ाना पड़ता है। ऐसे में कई बार दुर्घटना होने की भी संभावना रहती है। हालांकि, दून में अब तक दुर्घटना सामने नहीं आई है।
यातायात निगरानी में बेहद मदद करता है ड्रोन
अच्छे रिजोल्यूशन वाले ड्रोन काफी महंगे होते हैं। इन्हें खरीदने के लिए भी बड़े बजट की आवश्यकता होती है। जबकि, पुलिस के पास पहले से ही बजट बेहद कम होता है। इसलिए इसका बड़े पैमाने पर प्रयोग नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार ड्रोन यातायात निगरानी में बेहद कामयाब साबित हुए हैं। जिन मार्गों पर जाम लगता है उनकी प्रतिदिन निगरानी ड्रोन से ही की जाती है। इसके बाद रूट डायवर्जन आदि की व्यवस्था को लागू किया जाता है।
देहरादून में काफी समय से ड्रोन से चालान काटे जा रहे हैं। इसका प्रयोग प्रदेश के अन्य शहरों में भी किया जाएगा। इससे पुलिस फोर्स को काफी मदद मिलती है। इसके लिए आने वाले समय में ड्रोन की संख्या भी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। -मुख्तार मोहसिन, निदेशक यातायात