वसूली करते कैमरे में कैद हुआ ट्रैफिक इंस्पेक्टर, लाइन हाजिर
ईद से एक दिन पहले रात में चेकिंग के लिए जोनल अफसर बनाए गए ट्रैफिक पुलिस के इंस्पेक्टर राजीव रावत खनन के ट्रकों से वसूली करते हुए कैमरे में कैद हो गए।
ठेकेदार द्वारा वीडियो उपलब्ध कराने के बाद एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने मामले की जांच एसपी ट्रैफिक को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया है।
15 दिन पहले पीएसी से इंस्पेक्टर राजीव रावत को ट्रैफिक पुलिस में स्थानांतरित किया गया था। अधिकारियों को उम्मीद थी कि उनके आने से ट्रैफिक सुधार में मदद मिलेगी।
ठेकेदार ने वसूली की वीडियो बनाकर अफसरों को सौंपी
पुलिस की रात्रि में होने वाली जोनल चेकिंग में रावत को ईद से एक दिन पहले ही जोनल अफसर बनाया गया था। उनकी ड्यूटी पुलिस को चेक करना था, लेकिन वह रात में शिमला बाईपास पर खनन के ट्रकों को चेक करने लगे।
लोक निर्माण विभाग के कार्य से जुडे़ अनुबंधित ट्रक को भी उन्होंने रोका। चालक की शिकायत पर रात में ही ठेकेदार मौके पर आ गए। उन्होंने वसूली की वीडियो बनाकर अफसरों को सौंप दी। एसएसपी ने एसपी ट्रैफिक धीरेंद्र गुंज्याल को पूरे मामले की जांच सौंपी। जांच पूरी होने के बाद एसएसपी सदानंद दाते ने रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया है।