CM के आश्वासन पर वापस हुआ प्रस्तावित दून बंद
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व्यवसायिक कर पर मुख्यमंत्री और मेयर से मिले आश्वासन के बाद दून उद्योग व्यापार मंडल और प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल समिति ने 30 दिसंबर का दून बंद का निर्णय वापस ले लिया है।
सोमवार को दून उद्योग व्यापार मंडल (प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल से संबद्ध) और प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल समिति के व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत, संसदीय सचिव एवं विधायक राजकुमार और मेयर विनोद चमोली के साथ सचिवालय में बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में नगर निगम द्वारा व्यवसायिक भवनों पर टैक्स को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने कहा कि व्यवसायिक भवनों पर सर्किल रेट के आधार पर भवन कर लगाए जाने से व्यापारी वर्ग व्यथित और आक्रोशित है। आग्रह किया कि व्यापारी हित में इसे तत्काल वापस लिया जाए। मुख्यमंत्री ने मांग मानते हुए शासन स्तर पर एक समिति गठित की है। समिति किसी भी निर्णय पर प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल और दून उद्योग व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों को भी विश्वास में लेगी।
रिपोर्ट के आधार पर ही होगा कर निर्धारण
समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही व्यवसायिक भवनों का कर निर्धारण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की मांग पर यह भी आश्वासन दिया कि व्यवसायिक कर की दरें अत्यधिक नहीं रखी जाएंगी। बैठक में सीएम हरीश रावत, मेयर चमोली, राजपुर विधायक राजकुमार, व्यापारी नेता उमेश अग्रवाल, एनपी दीवान, विपिन नागलिया, अनुज जैन, अमरजीत सिंह आनंद, विनय गोयल, पुनीत मित्तल, अरविंद जैन, अशोक ठाकुर आदि मौजूद रहे।
शाम को हुई आम सभा
दून उद्योग व्यापार मंडल ने हड़ताल के मसले पर सोमवार शाम गीता भवन में आम सभा बुलाई। बैठक में शामिल दून उद्योग व्यापार मंडल से संबद्ध सभी 108 संगठनों के अध्यक्ष, महामंत्री भी शामिल हुए। मेयर विनोद चमोली और विधायक राजकुमार ने आमसभा में पहुंचकर मुख्यमंत्री से हुई वार्ता की जानकारी व्यापारियों को दी। जिस पर आमसभा ने भी 30 को दून बंद का निर्णय वापस लेने पर सहमति जताई। साथ ही चेतावनी दी कि अगर मांगों पर ठोस फैसला न हुआ तो दोबारा आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।