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गरजीं ट्रेड यूनियनें, केंद्र सरकार के खिलाफ निकाला जुलूस
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 03 Sep 2016 02:10 AM IST
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Trade union strike in dehradun
- फोटो : AmarUjala
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केंद्र की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने प्रदेश भर में हुंकार भरी। कर्मचारियों ने संयुक्त ट्रेड यूनियंस समन्वय समिति उत्तराखंड के बैनर तले गांधी पार्क से केंद्र सरकार के खिलाफ जुलूस निकाला।
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वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार कारपोरेट घरानों के इशारों पर काम कर कर्मचारियों के खिलाफ नीतियां बना रही है। सड़क सुरक्षा कानून के नाम पर मजदूरों का शोषण, विभिन्न विभागों में आउट सोर्स कर्मचारी रखने, 50 से ऊपर इंजीनियरिंग उद्योग, हैचरी, हाइड्रो, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का वेज बोर्ड न होना, स्कीम वर्कर को न्यूनतम वेतन न मिलना, श्रम कानून का उल्लंघन करने, बैंकों का सात लाख करोड़ का कर्ज वसूली न करने, बैंकों का विक्रय कर निजी बैंकों को लाभ देने समेत कई नीतियों का विरोध किया गया।
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इस मौके पर हीरा सिंह बिष्ट, एपी अमोली, महावीर शर्मा, लेखराज, दया कृष्ण पाठक, शिवा दूबे, अशोक शर्मा, चित्रा गुप्ता, उग्रसेन, जगमोहन मेहंदीरत्ता, रवि पचौरी, रामचंद्र रतूडी, वीपी सुंदरियाल, प्रमोद सिंह, आशीष उनियाल, पूरन सिंह, जगदीश चंद्र, बीडी भट़्ट आदि मौजूद रहे।
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ये संगठन रहे हड़ताल में शामिल
इंटक, सीटू, ऐटक, ऐक्टू, एचएमएस, उत्तराखंड बैंक इंप्लाइज यूनियन, बीमा, रक्षा के एआरडीईएफ, आईएनडीडब्लूएफ, उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ, निगम कर्मचारी, रोडवेज कर्मचारी, रक्षा अनुसंधानों की इकाईयां, आयुध निर्माणियां, एमईएस, पोस्ट, आयकर, होटल वर्कर, चाय बागान वर्कर, संविदा कर्मचारी।
हड़ताल पर रही आशाएं
ट्रेड यूनियन की हड़ताल में सीटू से संबद्ध आशाएं भी शामिल रहीं। शुक्रवार को प्रदेश भर की करीब 12 हजार आशा कार्यकत्रियां हड़ताल पर रहीं। गर्भवतियों के टीकाकरण और महिलाओं के सुरक्षित प्रसव की जिम्मेदारी आशाओं पर हैं। वहीं, हड़ताल से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का काम भी प्रभावित हुआ।
डाक कर्मी भी समर्थन में उतरे
अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ (एआईपीईयू) ने भी श्रमिक वर्ग की हड़ताल को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सभी श्रमिकों को एकजुट होकर लड़ना होगा। परिमंडलीय अध्यक्ष बीडी भट्ट ने कहा कि इन मांगों को लेकर कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को भी तैयार हैं।