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सहस्रधारा, गुच्छूपानी में जाम से जूझ रहे पर्यटक
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गर्मी शुरू होते ही प्रमुख पर्यटन स्थल सहस्रधारा और गुच्छूपानी पर्यटकों से गुलजार होने लगे हैं। रोज तीन हजार हजार से अधिक पर्यटक पहुंच रहे, लेकिन यहां पर उन्हें जाम से तो जूझना ही पड़ रहा, बल्कि पार्किंग की व्यवस्था न होने से मायूस लौटना पड़ रहा है।
शनिवार को गुच्छूपानी और सहस्रधारा में पर्यटकों की धूम रही। जिला पर्यटन विभाग की माने तो सहस्रधारा में करीब चार हजार और गुच्छूपानी में 3800 पर्यटक पहुंचे, लेकिन उचित व्यवस्था न होने से जूझना पड़ा। सबसे बड़ी समस्या दोनों पर्यटन स्थलों में पार्किंग की है। दोनों जगह सरकारी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। लिहाजा स्थानीय लोगों ने यहां निजी पार्किंग बना रखी है, जो मनमाने दाम वसूल रहे हैं। सहस्रधारा में तो हालत बदतर है। यहां पर्यटकों को चुंगी भी चुकानी पड़ती है, लेकिन चुंगी चुकाने के बाद भी उन्हें वाहन खड़े करने की जगह नहीं मिल पाती है। शनिवार को दोनों जगह पर्यटक पार्किंग के लिए जूझते रहे।
पार्किंग न होने से पर्यटक सड़क पर वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे दोनों जगह जाम से जूझने को विवश होना पड़ता है। शनिवार को भी दोनों जगह गर्मी में लोग घंटों जाम से जूझते रहे। उधर, जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान ने कहा कि सहस्रधारा में पार्किंग की ज्यादा समस्या है, जबकि गुच्छूपानी में विभाग की पार्किंग है। आने वाले समय में दोनों जगह पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाएगी, जिससे पर्यटकों को वापस न लौटना पड़े।
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शनिवार को गुच्छूपानी और सहस्रधारा में पर्यटकों की धूम रही। जिला पर्यटन विभाग की माने तो सहस्रधारा में करीब चार हजार और गुच्छूपानी में 3800 पर्यटक पहुंचे, लेकिन उचित व्यवस्था न होने से जूझना पड़ा। सबसे बड़ी समस्या दोनों पर्यटन स्थलों में पार्किंग की है। दोनों जगह सरकारी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। लिहाजा स्थानीय लोगों ने यहां निजी पार्किंग बना रखी है, जो मनमाने दाम वसूल रहे हैं। सहस्रधारा में तो हालत बदतर है। यहां पर्यटकों को चुंगी भी चुकानी पड़ती है, लेकिन चुंगी चुकाने के बाद भी उन्हें वाहन खड़े करने की जगह नहीं मिल पाती है। शनिवार को दोनों जगह पर्यटक पार्किंग के लिए जूझते रहे।
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पार्किंग न होने से पर्यटक सड़क पर वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे दोनों जगह जाम से जूझने को विवश होना पड़ता है। शनिवार को भी दोनों जगह गर्मी में लोग घंटों जाम से जूझते रहे। उधर, जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान ने कहा कि सहस्रधारा में पार्किंग की ज्यादा समस्या है, जबकि गुच्छूपानी में विभाग की पार्किंग है। आने वाले समय में दोनों जगह पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाएगी, जिससे पर्यटकों को वापस न लौटना पड़े।
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