अब यूं ही नहीं मिलेगा औली की बर्फीली वादियों में स्कीइंग और घूमने का मजा, देना पड़ेगा इतना शुल्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिम क्रीड़ा स्थली औली के स्कीइंग स्लोप पर अब स्कीइंग और बर्फ का लुत्फ उठाने के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को शुल्क देना होगा। गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) यह शुल्क लेगा। पर्यटकों के लिए 500 और स्थानीय लोगों के लिए 200 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।
1300 मीटर में फैला औली स्लोप इन दिनों बर्फ से ढका हुआ है। आगामी फरवरी माह में यहां शीतकालीन स्कीइंग प्रतियोगिता आयोजित होगी। स्लोप में कृत्रिम बर्फ जमाने के लिए इधर-उधर से स्नो मेकिंग मशीनें भी लगाई गई हैं।
जीएमवीएन के महाप्रबंधक बीएल राणा ने बताया कि स्लोप पर आवाजाही बढ़ने से बर्फ जल्दी पिघल रही है। अभी तक स्लोप में आवाजाही पर कोई रोक-टोक नहीं थी, लेकिन स्लोप के संरक्षण और अधिक समय तक बर्फ स्लोप पर टिकी रहे, इसके लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों से स्लोप पर उतरने का शुल्क लिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी, आंदोलन की दी चेतावनी
इससे कम से कम लोग स्लोप पर चलेंगे। उन्होंने बताया कि औली स्लोप की बर्फ जल्द पिघलने से शीतकाल में स्कीइंग प्रतियोगिता के आयोजन में दिक्कतें आ सकती है। लिहाजा स्लोप पर कम आवाजाही के लिए शुल्क का प्रावधान किया गया है।
औली स्लोप में आवाजाही और स्कीइंग पर शुल्क वसूलने को स्थानीय लोगों ने अनुचित बताया। कहा गया कि औली में घूमने पर शुल्क लिया जाना उचित नहीं है। इस फरमान को ज्लद वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़, पर्यटन व्यवसायी विवेक पंवार, संतोष कुंवर, राकेश घिंडियाल और दिनेश भट्ट का कहना है कि औली में बर्फ का मजा लेने और सैर-सपाटे के लिए सैकड़ों लोग पहुंचते हैं। यदि शुल्क लिया जाएगा तो पर्यटकों की संख्या में गिरावट आ जाएगी।