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Dehradun News: अंत समय में भाई से ली संपत्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी, धोखाधड़ी से दूसरे भाई को बेची
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भतीजों को नहीं दी जानकारी, अब न्यायालय के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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Iभाई ने अपने एक भाई की मृत्यु के समय जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी ली और धोखाधड़ी कर संपत्ति को दूसरे भाई के नाम कर दिया। इस बात की खबर अपने भतीजों को नहीं दी। इसका पता जब उन्हें लगा तो उन्होंने पहले तो चाचा और ताऊ के सामने आपत्ति जताई। कुछ नहीं हुआ तो पुलिस से शिकायत की।
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Iयहां से भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो अब न्यायालय के आदेश पर चाचा-ताऊ और जमीन के पहले मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। खुड़बुड़ा निवासी अनुज कुमार और मयंक कश्यप ने न्यायालय को बताया कि उनके पिता कुशलपाल सिंह ने वर्ष 2023 में आढ़त बाजार के रहने वाले नंदलाल माटा और उसकी पत्नी आशा माटा से देहराखास में एक संपत्ति 39 लाख रुपये में खरीदी थी। इसका सारा पैसा अनुज कुमार की मां के बैंक खाते से माटा दंपती के खातों में जमा कराया गया था, लेकिन, उस वक्त इसकी रसीदें अनुज के चाचा राजेश कुमार ने अपने नाम पर करा लीं।
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Iकुछ दिन बाद 29 मई 2023 को अनुज के पिता और 20 अक्तूबर 2023 को माता का देहांत हो गया। पिता के देहांत से कुछ समय पहले ही अनुज के चाचा राजेश कुमार ने उनसे अपने नाम इस संपत्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी ले ली। इस पावर ऑफ अटॉर्नी का राजेश कुमार ने गलत इस्तेमाल किया और आशा माटा व नंदलाल माटा के साथ मिलीभगत कर इसकी रजिस्ट्री अपने बड़े भाई सुरेंद्र कुमार (अनुज के ताऊ) के नाम कर दी।
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Iइस बात का पता जब अनुज और उसके भाई को लगा तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। मगर, राजेश और सुरेंद्र ने उनकी एक न सुनी। कुछ दिन बाद पता चला कि राजेश कुमार ने सुरेंद्र कुमार के नाम एक दानपत्र भी इस संपत्ति का बनवा दिया है। यह सब फर्जीवाड़ा कर किया गया है। आरोप है कि अब ये सब अनुज और मयंक को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। शहर कोतवाल प्रदीप पंत ने बताया कि इस मामले में दस्तावेज की जांच की जा रही है। रजिस्ट्री कार्यालय में जो दस्तावेज हैं, उनकी भी जांच की जाएगी। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।I
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भतीजों को नहीं दी जानकारी, अब न्यायालय के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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Iभाई ने अपने एक भाई की मृत्यु के समय जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी ली और धोखाधड़ी कर संपत्ति को दूसरे भाई के नाम कर दिया। इस बात की खबर अपने भतीजों को नहीं दी। इसका पता जब उन्हें लगा तो उन्होंने पहले तो चाचा और ताऊ के सामने आपत्ति जताई। कुछ नहीं हुआ तो पुलिस से शिकायत की।
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Iयहां से भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो अब न्यायालय के आदेश पर चाचा-ताऊ और जमीन के पहले मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। खुड़बुड़ा निवासी अनुज कुमार और मयंक कश्यप ने न्यायालय को बताया कि उनके पिता कुशलपाल सिंह ने वर्ष 2023 में आढ़त बाजार के रहने वाले नंदलाल माटा और उसकी पत्नी आशा माटा से देहराखास में एक संपत्ति 39 लाख रुपये में खरीदी थी। इसका सारा पैसा अनुज कुमार की मां के बैंक खाते से माटा दंपती के खातों में जमा कराया गया था, लेकिन, उस वक्त इसकी रसीदें अनुज के चाचा राजेश कुमार ने अपने नाम पर करा लीं।
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Iकुछ दिन बाद 29 मई 2023 को अनुज के पिता और 20 अक्तूबर 2023 को माता का देहांत हो गया। पिता के देहांत से कुछ समय पहले ही अनुज के चाचा राजेश कुमार ने उनसे अपने नाम इस संपत्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी ले ली। इस पावर ऑफ अटॉर्नी का राजेश कुमार ने गलत इस्तेमाल किया और आशा माटा व नंदलाल माटा के साथ मिलीभगत कर इसकी रजिस्ट्री अपने बड़े भाई सुरेंद्र कुमार (अनुज के ताऊ) के नाम कर दी।
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Iइस बात का पता जब अनुज और उसके भाई को लगा तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। मगर, राजेश और सुरेंद्र ने उनकी एक न सुनी। कुछ दिन बाद पता चला कि राजेश कुमार ने सुरेंद्र कुमार के नाम एक दानपत्र भी इस संपत्ति का बनवा दिया है। यह सब फर्जीवाड़ा कर किया गया है। आरोप है कि अब ये सब अनुज और मयंक को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। शहर कोतवाल प्रदीप पंत ने बताया कि इस मामले में दस्तावेज की जांच की जा रही है। रजिस्ट्री कार्यालय में जो दस्तावेज हैं, उनकी भी जांच की जाएगी। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।I