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महाकुंभ में फिर शुरू हुआ शौचालयों का खेल

Wed, 24 Sep 2014 06:32 PM IST
रतनमणी डोभाल/अमर उजाला, हरिद्वार
रतनमणी डोभाल/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Wed, 24 Sep 2014 06:32 PM IST
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toilet scam in haridwar kumbh.

कुंभ-2010 में स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये का घोटाला सुर्खियों में रहा। कैग ने भी उसे उजागर किया था। जांच अब तक भी चल रही है। अब फिर से शौचालयों के नाम पर करोड़ों रुपये का खेल शुरू हो गया है। अर्द्धकुंभ-2016 के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 15 करोड़ रुपये अस्थायी शौचालयों के निर्माण के लिए मांगे हैं।

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कुंभ मेला-2010 में शौचालयों एवं मूत्रालयों के नाम पर करीब सात करोड़ रुपये ठिकाने लगाए गए थे। उस समय मेला प्रशासन ने तीन करोड़ रुपये की लागत से 300 स्थायी शौचालय बनाने का दावा भी किया था।
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अधिकारियों का कहना था स्थायी शौचालय कुंभ के बाद उपयोग में लाए जा सकेंगे। मेला क्षेत्र में लगभग 1200 अस्थाई शौचालय बनाए गए थे लेकिन जब कैग की टीम जांच के लिए आई तो उसे एक भी स्थायी शौचालय नहीं मिला। इसका उल्लेख कैग ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट में भी किया गया था।
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अब अर्द्धकुंभ-2016 के प्रस्तावित कार्यों के प्रस्ताव में स्वास्थ्य विभाग ने 15 करोड़ एक लाख रुपये अस्थायी शौचालयों के निर्माण के लिए मांगे हैं।

जांच से बचने के ल‌िए म‌‌िटा ‌द‌िए गए शौचालय

toilet scam in haridwar kumbh.

कुंभ-2010 के घोटालों की जांच कराए जाने का डर अफसरों को पहले से सता रहा था। अप्रैल में कुंभ समाप्त होने के बाद मेला क्षेत्र में गंदगी की भरमार का हवाला देकर अधिकारियों ने सफाई और कीटनाशक का छिड़काव करवाने के बजाय शौचालयों को ही तुड़वा दिया। इससे 300 स्थायी शौचालय बने या नहीं पूरा राज ही दफन हो गया।

शौचालय बन गए घर
अर्द्धकुंभ-2004 और कुंभ-2010 में प्राइम लोकेशन में कुछ पक्के शौचालय बनाने का काम ‘उरेडा’ को दिया गया था। उनके रखरखाव व संचालन की जिम्मेदारी भी उन्हीं की थी लेकिन उरेडा के शौचालय एक दिन भी जनता के काम नहीं आए। जबकि एक-एक शौचालय के निर्माण में दस-दस लाख रुपये से भी अधिक की लागत बताई गई थी।

इनके कई शौचालयों को घर के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। अब तक परिवार उनमें रह रहे हैं। सूत्रों का कहना कि उरेडा कर्मियों ने ही शौचालय बेच दिए हैं।

अर्द्धकुंभ में सफाई, सफाई मजदूरों की नियुक्ति, शौचालय, कीटनाशक दवाईयों आदि के प्रस्ताव बनाने में नगर निगम को विश्वास में नहीं लिया गया। जबकि पूर्व नगरपालिका का स्वास्थ्य अधिकारी प्रस्ताव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। लेकिन इस बार अर्द्धकुंभ के सफाई व स्वास्थ्य संबंधी 8773.80 लाख के प्रस्ताव बनाने में नगर निगम को पूरी तरह दूर रखा गया है।
-मनोज गर्ग, मेयर।

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