कोरोना : उत्तराखंड में आए रिकॉर्ड 2757 नए मरीज, 37 की मौत, कोविड सेंटर से 19 संक्रमित भागे
प्रदेश में अब तक कुल 1 लाख 21 हजार 403 संक्रमित मरीज आ चुके हैं, जिसमें से 101659 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
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उत्तराखंड में कोरोना की दूसरी लहर बेकाबू होती जा रही है। कोविड काल की अब तक की अवधि में पहली बार प्रदेश में एक दिन में 37 मरीजों की मौत हुई है। वहीं, 24 घंटे में 2757 लोग संक्रमित मिले हैं। अकेले देहरादून जिले में 1179 लोग संक्रमित मिले हैं, जबकि प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 121403 हो गई है।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शनिवार को 49544 सैंपलों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि 13 जिलों में 2757 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। देहरादून जिले में 1179, हरिद्वार में 617, ऊधमसिंह नगर में 265, नैनीताल 248, पौड़ी में 155, रुद्रप्रयाग में 79, अल्मोड़ा में 51, टिहरी में 50, चंपावत में 44, चमोली में 28, बागेश्वर में 15, उत्तरकाशी जिले में 14 संक्रमित मिले हैं।
प्रदेश में बीते 24 घंटे में 37 कोरोना मरीजों ने दमतोड़ा है, यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। प्रदेश में अब तक 1856 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, शनिवार को 802 मरीजों को इलाज के घर भेजा गया है। इन्हें मिलाकर 101659 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। संक्रमितों की तुलना में कम मरीज ठीक होने से सक्रिय मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वर्तमान में 15386 सक्रिय मरीज हैं, इनका उपचार किया जा रहा है।
कोविड हेल्थ सेंटर में भर्ती 19 कोरोना संक्रमित भागे
नई टिहरी में नरेंद्रनगर श्रीदेव सुमन संयुक्त चिकित्सालय में बनाए गए कोविड हेल्थ सेंटर में भर्ती 19 कोरोना संक्रमित लोगों की देर शाम को भागने की सूचना से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
कोविड-19 सेंटर में कुल 35 पॉजिटिव भर्ती थे। पुलिस और अस्पताल प्रशासन गायब हुए कोरोना संक्रमित लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। एसडीएम युक्ता मिश्रा ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने कोरोना संक्रमित रोगियों के भागने की सूचना दी है। जो लोग भागे हैं वह राजस्थान और दूसरे प्रदेशों के हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
कोरोना संक्रमण से दुगड्डा के डॉक्टर की मौत
दुगड्डा नगर के प्रतिष्ठित डॉक्टर व समाजसेवी डॉ. राजमोहन सिंह रावत की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। ऋषिकेश एम्स में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका कोरोना गाइडलाइन के अनुसार ऋषिकेश में अंतिम संस्कार किया गया।
दुगड्डा के ग्राम नाथूपुर निवासी डॉ. राजमोहन सिंह (71) का दुगड्डा में क्लीनिक था और वह 33 वर्षों से लोगों का उपचार कर रहे थे। फरवरी, 2013 में पैरालाइज होने के बाद वे गुरुग्राम हरियाणा में अपने बेटे के पास उपचार कराने के लिए चले गए थे और तब से वहीं रह रहे थे। चार दिन पूर्व उनकी तबीयत खराब होने पर वे अस्पताल गए, जहां जांच में वह कोरोना पॉजिटिव आए।
गुरुग्राम के अस्पताल के कोरोना वार्ड में बेड खाली नहीं होने पर उन्हें ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया था। उनके निधन की खबर से दुगड्डा में शोक की लहर है। पूर्व प्रमुख सुरेश असवाल, पूर्व पालिका अध्यक्ष दीपक बडोला, कांग्रेस नगर अध्यक्ष हरेंद्र रावत, ज्येष्ठ उपप्रमुख अजयपाल रावत, शिक्षाविद् गिरीश खर्कवाल, बीडीओ जयेंद्र भारद्वाज, एडीओ पंचायत ज्योतिष चंदोला, सांसद प्रतिनिधि मातबर सिंह बिष्ट समेत क्षेत्र के विभिन्न संगठनों और लोगों ने उनके निधन पर शोक जताया।
तीन दिनों में 90 लोगों का चालान
कोविड-19 गाइडलाइन का पालन न करने पर सतपुली पुलिस ने तीन दिनों में 90 लोगों का चालान कर 13 हजार रुपये अर्थदंड वसूला। थानाध्यक्ष सतपुली संतोष पैथवाल के अनुसार मास्क न पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने पर 3 दिनों से चलाए जा रहे अभियान के तहत कुल 90 लोगों का चालान किया गया है।
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री बची सिंह रावत एम्स ऋषिकेश में भर्ती
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री बची सिंह रावत की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उपचार हेतु एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया है।
शनिवार अपराह्न पूर्व मंत्री बची सिंह रावत को हेली एम्बुलेंस से हल्द्वानी से एम्स ऋषिकेश लाया गया। उन्हें इमरजेंसी में भर्ती किया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सक उनकी देखभाल कर रहे हैं।
एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा की गई शुरुआती जांच में पाया गया कि पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री बची सिंह रावत को सांस लेने में तकलीफ और उनके फेफड़ों में संक्रमण की शिकायत है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न परीक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें उचित उपचार हेतु शीघ्र ही आईपीडी में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
डीएम ने किया रायपुर स्टेडियम का निरीक्षण
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को अधिकारियों की टीम के साथ रायपुर स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए 500 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम को व्यवस्थाएं बनाने को कहा। कोविड केयर सेंटर में सभी आवश्यक उपकरणों व दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था करने, साफ-सफाई रखने और सुरक्षा व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ नीतिका खंडेलवाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।