Coronavirus Uttarakhand: 88 नए संक्रमित मिले, सक्रिय मरीजों की संख्या पहुंची 698
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण फिर बढ़ने लगा है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 88 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। वहीं, गुरुवार को प्रदेश में एक भी मरीज की मौत नहीं हुई। कुल संक्रमितों का आंकड़ा 98 हजार पार हो गया है। वर्तमान में 698 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को 9433 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, देहरादून जिले में सबसे अधिक 29 लोग संक्रमित मिले हैं। जबकि हरिद्वार में 23, ऊधमसिंह नगर में 15, नैनीताल में छह, अल्मोड़ा और पौड़ी में चार-चार, बागेश्वर और उत्तरकाशी में एक-एक और टिहरी में पांच संक्रमित मिले हैं।
अब तक प्रदेश में 1704 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, आज 61 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद घर भेजा गया है। इन्हें मिला कर 94311 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
कोरोना को मात देने में आयुर्वेद की रही महत्वपूर्ण भूमिका
भोगपुर के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कोरोनाकाल के समय आयुर्वेद और योग ने कोरोना को मात देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए हमें अब बढ़ चढ़कर आयुर्वेद और योग का प्रचार प्रसार करना होगा।
भोगपुर के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ. संदीप कटियार ने कहा कि कोरोना काल में आयुर्वेद और योग ने कोरोना को मात देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लोगों ने कोरोना काल के समय योग और आयुर्वेद को अपनाकर अपने आपको स्वस्थ रखा। अगर नियमानुसार योग किया जाए तो शरीर स्वस्थ रहेगा। साथ ही कहा कि अब हमें बढ़-चढ़कर आयुर्वेद और योग का प्रचार-प्रसार करना होगा।
जिले के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय भोगपुर, बहादरपुर खादर, डाडा जलालपुर, सालियर, ढाढेकी ढाणा को उच्चीकृत कर आयुष हेल्थ एंव वेलनेस केंद्र बनाया जा रहा है। इसके साथ-साथ इन केंद्रों पर मलेरिया, टाइफाइड आदि जांच की सुविधा भी रहेगी। कार्यक्रम के दौरान जितेंद्र सैनी, बिजेंद्र कुमार, राहुल कुमार, टेकचंद, केके शर्मा, दिनेश कुमार आदि दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।
अधिक शुल्क लेने पर कृष्णा अस्पताल में टीकाकरण रोका
निर्धारित दर से अधिक शुल्क लेने की शिकायत प्रथमदृष्ट्या सही पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने कृष्णा अस्पताल में कोरोना दवा के टीकाकरण के कार्य पर रोक लगा दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप डिमरी ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग को शिकायत मिली थी कि कृष्णा अस्पताल में टीकाकरण के लिए निर्धारित शुल्क से ज्यादा वसूला जा रहा है। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डिमरी ने मामले की जांच कराई। पता लगा कि एक टीके के पांच सौ से 1100 रुपये लिए जा रहे हैं। आरोप प्रथमदृष्ट्या सही पाए जाने पर सीएमओ ने अगले आदेशों तक कृष्णा अस्पताल में कोरोना के टीकाकरण पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। आरोप है कि अस्पताल कर्मचारी लोगों से उचित व्यवहार नहीं कर रहे थे। सीएमओ डॉ. अनूप डिमरी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में कोरोना का टीका निशुल्क लग रहा है।
जबकि निजी अस्पतालों में अधिकतम 250 रुपये शुल्क है। इसमें से 150 रुपये निजी अस्पताल विभाग के खाते में जमा करते हैं। इस संबंध में कृष्णा अस्पताल की संचालक डा. गीता खन्ना को मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, मोबाइल पर संदेश भी भेजा गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल पाया। जब भी उनका पक्ष आएगा उसे प्रकाशित किया जाएगा।