Coronavirus in Uttarakhand : 24 घंटे में मिले 81 नए संक्रमित, हुई एक मरीज की हुई मौत
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प्रदेश में कोविड जांच बढ़ने के साथ ही संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं। बीते 24 घंटे में एक कोरोना मरीज की मौत और पांच जिलों में 81 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 96949 हो गई है, जबकि 29 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को 14951 सैंपलों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि 81 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। देहरादून जिले में सबसे अधिक 42 कोरोना मरीज मिले हैं। हरिद्वार में 29, टिहरी में पांच, नैनीताल में चार, ऊधमसिंह नगर जिले में एक संक्रमित मिला है। प्रदेश में 27 दिनों के बाद एक दिन में 81 कोरोना संक्रमित मामले मिले हैं। संक्रमण रोकने के लिए सरकार ने सैंपल जांच बढ़ा दी है। औसतन प्रतिदिन 10 हजार से अधिक सैंपलों की जांच की जा रही है।
प्रदेश में एक कोरोना मरीज की मौत हुई है। इसमें पिथौरागढ़ जिले के सीएचसी मुनस्यारी में 29 वर्षीय महिला ने दम तोड़ा है। अब तक 1692 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, 29 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है। इन्हें मिला कर 93442 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 421 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। संक्रमित मरीजों के ठीक होने की दर 96.38 प्रतिशत और सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 4.07 प्रतिशत दर्ज की गई है।
नैनीताल जिले की सीमा पर कोरोना जांच शुरू
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए डीएम के निर्देश पर हल्दुआ बैरियर पर दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत कौशिक ने बताया कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
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ऐसे में जरूरी है कि उत्तराखंड आने वालों लोगों की कोरोना जांच हो। इसी को देखते हुए डीएम के निर्देश पर हल्दुआ बैरियर पर कोरोना जांच की जा रही है। स्वास्थ्य टीम आरटीपीसीआर जांच और नाम, मोबाइल आदि जानकारी दर्ज कर रही है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर संबंधित व्यक्ति को ट्रेस कर लिया जाएगा। शनिवार को 25 लोगों की जांच की गई।
एक मार्च से होगा कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण का ट्रायल
कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए अब वैक्सीन लगवाने के लिए बुजुर्गों की बारी आ गई है। तीसरे चरण में 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों और 45 से 59 आयु के किसी बीमारी से ग्रसित लोगों कोरोना वैक्सीन लगवाई जाएगी। प्रदेश में एक मार्च से कुछ बूथों पर ट्रायल के तौर पर तीसरा चरण शुरू किया जाएगा। चार मार्च को प्रदेश भर में तीसरे चरण के लिए टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। इसके बाद सात मार्च से सभी चयनित बूथों पर वैक्सीन लगाई जाएगी।
मेडिकल बोर्ड से लेनी होगी वैक्सीन नहीं लगवाने के कारणों की रिपोर्ट
प्रदेश में कोविड वैक्सीन न लगवाने के लिए हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर अब कोई बहाना या आनाकानी नहीं कर पाएंगे। वैक्सीन न लगवाने के लिए मेडिकल बोर्ड से कारणों की रिपोर्ट लेनी होगी।
बोर्ड बताएगा कि वैक्सीन लगवाई जा सकती है या नहीं। वहीं, प्रदेश में अब तक 20 हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण पूरा हो गया है। 78 प्रतिशत स्वास्थ्य व फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है।
कुंभ मेला ड्यूटी में तैनात सभी स्वास्थ्य व अन्य कर्मचारियों को शत प्रतिशत कोविड वैक्सीन लगाई जानी है, लेकिन कई कर्मचारी वैक्सीन लगवाने के लिए आनाकानी कर रहे हैं, वे कई तरह की बीमारियों का बहाना बना रहे हैं। अब मेडिकल बोर्ड से वैक्सीन न लगवाने की रिपोर्ट लेनी होगी।
बोर्ड की ओर से यह बताया जाएगा कि किन कारणों से वैक्सीन नहीं लगवाई जा सकती है। उधर, प्रदेश में कुल 189854 स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्करों में से 147800 को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। इनमें से दो हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को 28 दिन के बाद दूसरी डोज भी लग चुकी है।