उपनलकर्मियों को हटाने के लिए कैबिनेट की मुहर जरूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले करीब चार दिनों से सड़क पर बैठे उपनलकर्मियों ने सरकार से वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला किया है। हालांकि उन्होंने कैबिनेट की मुहर लगने तक सड़क पर धरना-प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में फैसला होने के बाद ही वह विधिवत रूप से अपना आंदोलन समाप्त करेंगे।
बीते मंगलवार से कनक चौक के पास सड़क पर भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्शन कर रहे उपनल कर्मियों की बृहस्पतिवार देर रात सरकार से बातचीत में ज्यादातर मांगों पर सहमति बन गई थी। शुक्रवार को एक बार फिर प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से बातचीत की। जिसके बाद उन्हें विभागीय संविदा पर रखे जाने, हटाए कर्मचारी को बहाल करने, भविष्य में किसी कर्मचारी को नहीं निकाले जाने और हड़ताल के दिन सीएल और ईएल अवकाश में समायोजित करने पर सहमति बनी।
बैठक का कार्यवृत्त (मिनट्स) जारी होने के बाद उन्होंने हड़ताल समाप्त करने का फैसला किया। प्रतिनिधिमंडल ने जब इस संबंध में धरनास्थल पर पहुंचकर निर्णय की जानकारी दी तो अधिकांश कर्मचारियों ने भूख हड़ताल जारी रखने की वकालत की।
कैबिनेट की मुहर लगने तक आंदोलन जारी रहेगा
उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी कई बार आश्वासन देकर अंतिम समय में पलटी मार चुकी है। इसलिए कैबिनेट का फैसला होने तक सड़क पर धरना जारी रखा जाए। इस पर ज्यादातर कर्मियों ने सहमति जताई और धरना जारी रखने का निर्णय लिया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भावेश जगूड़ी ने बताया कि कैबिनेट का निर्णय होने के बाद कर्मचारी सड़क पर धरना प्रदर्शन समाप्त कर देंगे। धरना प्रदर्शन करने वालों में विजय राम खंकरियाल, अनिल गैरोला, करन रावत, संजय चौहान, मोहन सिंह नेगी, अनसूया प्रसाद, प्रभुदयाल भंडारी, प्रवीन रमोला, ताजवीर नेगी समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
इनका है कहना
उपनलकर्मियों की मुख्यमंत्री से हुई वार्ता के अनुरूप सभी मांगों पर कार्यवृत्त जारी कर दिया गया है। अब जिन विभागों में कर्मी संविदा पर तैनात हैं, उनको अग्रिम कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।
-आनंद वर्द्धन, सचिव, सैनिक कल्याण