कॉर्बेट लैंडस्केप में आपसी संघर्ष में बाघिन की मौत, एनएच की पुलिया के नीचे मिला शव
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नैनीताल के रामनगर में आमडंडा के पास आबादी से लगे काशीपुर-बुआखाल एनएच-121 पर कार्बेट लैंड स्केप में भुमकिया डांट के नीचे नाले में रविवार सुबह दो साल की बाघिन मृत मिली। बाघिन का पिछला हिस्सा और पीछे का दाहिना पैर आधा खाया हुआ था, जबकि दांत और अन्य अंग सुरक्षित थे। इससे वनाधिकारियों ने आपसी संघर्ष में बाघिन की मौत की आशंका जताई है।
बाघिन का शव एक दूसरे के क्षेत्र में मिलने का हवाला देकर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) और रामनगर वन प्रभाग के अधिकारियों में बहस भी हुई। हालांकि, बाद में रामनगर वन प्रभाग में ही पोस्टमार्टम करने के बाद शव को जला दिया गया।
रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ बीपी सिंह के मुताबिक जिस स्थान पर बाघिन का शव मिला, उससे कुछ दूरी पर सांभर का आधा खाया हुआ शव भी था। इससे साफ है कि शिकार के बाद बाघिन उसे खा रही होगी, तभी अन्य बाघ या बाघिन ने उस पर हमला कर दिया होगा और उसकी संघर्ष में उसकी मौत हो गई।
वहीं, कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल का दावा है कि बाघिन की मौत आपसी संघर्ष में ही हुई है। उसी क्षेत्र में दूसरा बाघ/बाघिन भी है। शिकार के बाद उसे खाने को लेकर संघर्ष हुआ तो दूसरे जानवर ने बाघिन का पिछला हिस्सा और दाहिना पैर आधा खा लिया।