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इस 'खतरे' के कारण नौनिहाल नहीं जा रहे हैं स्कूल
अमर उजाला, देवप्रयाग
Updated Sat, 31 Aug 2013 08:21 PM IST
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उत्तराखंड के देवप्रयाग में बाघ का आतंक बना है। बाघ अब तक दर्जनों मवेशियों को निवाला बना चुका है। अभिभावक बाघ के भय से नौनिहालों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। शाम होते ही ग्रामीण घरों में कैद हो जाते हैं। सूचना के बावजूद वन विभाग और तहसील कार्यालय से सुध नहीं लेने से ग्रामीण गुस्से में हैं।
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ग्रामीणों में भय का माहौल
देवप्रयाग क्षेत्र के सौड़, उमरासू, सिराला, खेड़ा सहित दर्जन भर गांवों में बाघ का आतंक बना है। सौड़ गांव निवासी नवनीत सिंह ने बताया कि बाघ अब तक ग्रामीणों के एक दर्जन से अधिक मवेशियों को निवाला बना चुका है। गांवों के जंगल से सटे होने से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
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घरों में कैद होने के लिए मजबूर
ग्रामीण उत्तम रावत, नवनीत नेगी, महेश टोडरिया, सबल सिंह रावत, सुंदर सिंह नेगी, सुभाष टोडरिया, गिरीश टोडरिया आदि का कहना है कि बाघ के भय से ग्रामीण शाम होते ही घरों में कैद होने के लिए मजबूर हैं। जंगल का रास्ता होने के कारण बच्चों को स्कूल भेजने से भी लोग डर रहे हैं।
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गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ राजमणि पांडे का कहना है उनके पास अभी तक कोई ऐसी शिकायत नहीं आई है। यदि इन गांवों में बाघ ने मवेशियों को निवाला बनाया है तो रेंज कार्यालय से पशु क्षति का आकलन कर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। बाघ बार-बार क्षेत्र में आ रहा है तो टीम भेजी जाएगी।