12 दिन तक नहीं मिला शिकार, भूख से बाघ की मौत
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जंगल के राजा को फांके की नौबत आ गई है। जंगल में बाघ का मरने का एक कारण भूख भी है। उत्तराखंड में रामनगर वन प्रभाग के दचौरी रेंज में जो बाघ मरा मिला था, उसने 10 से 12 दिन तक कुछ खाया नहीं था। वनाधिकारी भले ही मौत का कारण आपसी संघर्ष बता रहे हो, पर जो चोट हैं, उससे बाघ मारा जाए उसकी आशंका बेहद कम है।
रामनगर वन प्रभाग के दचौरी रेंज सांदली कपार्टमेंट में 27 दिसंबर को बाघ का शव मिला था। उस समय से ही वनाधिकारी मौत के कारणों दूसरे बाघ से संघर्ष बता रहे थे। पर सूत्रों के अनुसार बाघ पर जो खरोंच के निशान या घाव थे, उससे मौत होने की आशंका बेहद कम थी।
एक बड़ा कारण बाघ का भूखा और उम्र दराज होना था। पोस्टमार्टम उसके पेट में तो दूर की बात है कि आंत तक में खाने तक का कोई भी अंश नहीं मिला। उसके पेट और आंतों की स्थिति से अंदाजा है कि वह बाघ 10-12 दिन से भूखा था। हिरन आदि के शिकार में सबसे अहम रोल निभाने वाले बाघ के कैनाइन दांत (बाघ के आगे की तरफ के जो दो बड़े दांत होते हैं) में एक दांत टूटा हुआ मिला है। इसके अलावा पंजे भी घिसे हुए थे।
मौत की जांच रिपोर्ट पर ‘रहस्यमय चुप्पी’
कार्बेट पार्क में इस साल कई बाघों की मौत हुई थी। इन मौतों के कारणों की जांच को बिसरा शोध संस्थानों को भेजा गया। लेकिन वहां से कितनी जांच रिपोर्ट आई? इन जांच रिपोर्टों में क्या है? इस पर कार्बेट प्रबंधन रहस्यमय चुप्पी साधे हुआ है। अधिकारी केवल जल्द उचित कदम उठाने की बात कह रहे हैं। उत्तराखंड में इस साल छह बाघ ढेर हो चुके हैं।
15 अप्रैल को तराई पश्चिम वन प्रभाग के गैबुआ में बाघ को शिकारियों ने मार गिराया। इसके शिकारी आज तक नहीं पकड़े गए। तीन मई को कार्बेट पार्क के कालागढ़ डिविजन के जमरिया ब्लाक में बाघ मरा मिला। फिर 30 जून को कार्बेट पार्क कालागढ़ के ही सोनानदी क्षेत्र में बाघिन का शव मिलने से खलबली मच गई।
चार सितंबर को फिर कार्बेट पार्क में बाघ मरा मिला। मारे गए वन्यजीवों में कई स्वस्थ और तगड़े दिख रहे थे। ऐसे में मरे वन्यजीवों में कैनाइन डिस्टेपेंर वायरस (सीडीवी) का खतरा, वन्यजीवों को जहर आदि की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता था। कार्बेट प्रबंधन ने इन बिंदुओं को जांच के लिए बिसरा आईवीआरआई बरेली आदि जगहों को भेजने की बात कही।
लेकिन इन जांच रिपोर्ट पर कार्बेट प्रबंधन चुप्पी साधे हुआ है। जांच रिपोर्ट पूछने पर टालमटोल का रवैया जारी है। कार्बेट डायरेक्टर समीर सिन्हा के अनुसार जांच रिपोर्ट में ‘कुछ बातें सामने’ आई है। उसी आधार पर जल्द कदम उठाया जा रहा है। तभी बताना संभव होगा।