आर्थिक तंगी से परेशान टिफिन सप्लायर ने की खुदकुशी, ट्रेन के आगे कूदकर खत्म कर ली जिंदगी
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आर्थिक तंगी और बार-बार तकादा किए जाने के बावजूद देनदार से पैसा नहीं मिलने से परेशान टिफिन सप्लायर ने नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने डायरी को सील कर लिया है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
रविवार सुबह साढ़े छह बजे छतरपुर गांव के पास गुजर रही नैनी-दून जनशताब्दी एक्सप्रेस के सामने एक व्यक्ति ने कूदकर आत्महत्या कर ली। लोको पायलेट ने ट्रेन रोकी और उनकी सूचना पर आरपीएफ कर्मियों के साथ ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतक की जेब से मिली पॉकेट डायरी और उसमें लिखे सुसाइड नोट से उसकी शिनाख्त जगतपुरा गली नंबर दो निवासी सचिन गुप्ता (36) पुत्र स्व. उमेश गुप्ता के रूप में हुई। डायरी में सचिन ने एक मिठाई विक्रेता से पांच लाख रुपये नहीं लौटाने का जिक्र किया है। यह भी लिखा है कि कई बार कहने के बावजूद उसका रुपया लौटाया नहीं जा रहा था, इससे उसके समक्ष आर्थिक दिक्कतें पेश आ रहीं थी।
सचिन के साथ पत्नी लक्ष्मी, तीन बच्चे, मां सुनीता और भाई योगेश साथ रहकर टिफिन सप्लाई का व्यवसाय करते थे। शनिवार रात करीब नौ बजे सचिन कुछ काम से जाने की बात कहकर घर से निकले, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजन रातभर उनकी खोजबीन करते रहे।
सुबह उन्हें सचिन की आत्महत्या की खबर मिली। आरपीएफ प्रभारी आरके भारद्वाज ने बताया कि सचिन के आत्महत्या करने के बाद करीब 55 मिनट तक ट्रेन का संचालन बाधित रहा। इधर, सिडकुल चौकी प्रभारी केजी मठपाल ने बताया कि सचिन ने सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें आर्थिक तंगी का जिक्र करते हुए आत्महत्या की बात लिखी है।
मां और भाई से कहा-बच्चों का ख्याल रखना
आत्मघाती कदम उठाने का निर्णय ले चुका सचिन अपने परिवार को लेकर भी अंतिम समय तक बेहद चिंतित था। उसने सुसाइड नोट में अपने भाई और मां से उसकी पत्नी, बच्चों का ख्याल रखने की बात लिखी थी। यह भी लिखा कि उसकी पत्नी को कहीं नौकरी नहीं करने देना और बच्चों की परवरिश में आने वाले खर्चों को वहन कर देना। सिडकुल चौकी प्रभारी ने बताया कि मामले में तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।