अभी टला नहीं तूफान का 'तांडव', उत्तराखंड में फिर बिगड़ा मौसम, सहमे लोग
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उत्तराखंड में 'महा'तूफान के तांडव का खतरा अभी टला नहीं है। मंगलवार की शाम एक बार फिर तेज हवा और बारिश से लोगों में दहशत फैल गई।
सोमवार को देर रात तूफान 74 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से देहरादून से गुजरा था। किसी जनहानी की खबर नहीं है, लेकिन तेज हवाओं से काफी नुकसान हुआ है। जिसके बाद मंगलवार की सुबह तेज हवाओं का दौर जारी रहा। जो बाद में शांत हो गया। लेकिन शाम को एक बार फिर राजधानी में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। जिससे लोग दहशत में आ गए। वहीं प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में बुधवार को हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, अधिक ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में बारिश के साथ बर्फ गिरने का भी अनुमान है।
मंगलवार को दिन में प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम सामान्य बना रहा। इससे पहले सोमवार आधी रात के बाद राजधानी के अधिकांश क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई थी। बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से खासी राहत मिली। हालांकि आंधी की वजह से जगह-जगह पेड़ गिर गए और बिजली के तार टूट गए। जिससे रात को कुछ घंटों के लिए विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। मंगलवार शाम को भी कुछ देर के लिए आंधी चली और हल्की बारिश भी हुई।मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, बुधवार को ज्यादातर इलाकों में बादल छाए रहने का अनुमान है। सुबह के समय हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों में बारिश के साथ बर्फबारी होने की भी संभावना है। राजधानी दून समेत आस-पास के क्षेत्रों में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
पिथौरागढ़ जिले में मदकोट/मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फीले अंधड़ की चपेट में आकर एक ग्रामीण की मौत हो गई है। ग्रामीण गोल्फा की वन पंचायत जिब्बा में कीड़ाजड़ी दोहन के लिए गया था। यह हादसा रविवार देर शाम हुआ। मंगलवार को उच्च हिमालयी क्षेत्र से नीचे लाते वक्त ग्रामीण ने दम तोड़ दिया। केदारनाथ और यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए दो तीर्थयात्रियों की हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई। केदारनाथ में मंगलवार तड़के करीब 7.25 बजे बर्फबारी के बीच बाबा केदार के दर्शनों के लिए मंदिर परिसर में पहुंचीं महिला यात्री देवकी देवी (61 वर्ष) निवासी गुड़गांव की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। महिला अपने परिवार और रिश्तेदारी के कुछ लोगों के साथ सोमवार शाम को केदारनाथ पहुंची थीं। उधर, मुंबई निवासी सुदामा सिंह (52) पुत्र राम सिंह मंगलवार को अपने परिजनों के साथ यमुनोत्री धाम पहुंचे थे। यहां उन्हें सीने में दर्द की शिकायत होने पर परिजनों ने धाम में मौजूद स्वास्थ्य केंद्र में उनकी जांच कराई। डाक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। इसी बीच लौटते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम आदि कार्रवाई शुरू कर दी है।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीएम से की बात
किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खराब मौसम व चारधाम यात्रा के संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से फोन पर बात की। कहा कि केंद्र से राज्य को हर तरह की मदद दी जाएगी।
बारिश के चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर स्थानीय जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया हुआ है। सोमवार को सुबह से चारों धामों में बारिश के साथ बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। गढ़वाल के साथ ही कुमाऊं के कई इलाकों में दिनभर रुक-रुक कर आंधी के साथ बारिश होती रही।
डीएम ने जारी किए आपदा प्रबंधन विभाग को अपडेट रहने के निर्देश
जिलाधिकारी ने आईआरएस सिस्टम के अधिकारियों व दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को जिला आपदा प्रबंधन केंद्र में समय पर सूचना देने को कहा। साथ ही सभी अधिकारियों को मुख्यालय न छोडने व 24 घंटे मोबाईल फोन ऑन रखने के भी निर्देश जारी किए हैं।
गोपेश्वर में भी बारिश, बर्फबारी के साथ ही मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी को देखते हुए चमोली जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। मंगलवार को जिलाधिकारी आशीष जोशी ने आपदा कंट्रोल रुम में अधिकारियों की बैठक ली और उन्हें 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि चारधाम यात्रा के चलते जिले में प्रतिदिन हजारों की संख्या में तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। लिहाजा आपदा के दृष्टिगत सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने की जरुरत है।