बारातियों की बस खाई में गिरी, तीन की मौत
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टिहरी के प्रतापनगर के मुखेम-सिरवाडी मोटर मार्ग पर एक बारात की बस दुर्घटनाग्रस्त होने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक ने अस्पताल जाते हुए दम तोड़ दिया। वहीं एक घायल को उत्तरकाशी जिला अस्पताल ले जाया जा रहा है।
मुखेम से बारात सिरवाडी गांव आई हुई थी। शनिवार शाम 5.30 बजे के बारात सिरवाडी से मुखेम गांव के लिए लौट रही थी, तो कुछ लोग बस में बैठने के लिए पहले ही सड़क पर आ गए थे। बस चालक बैक करने के लिए सिरवाडी बैंड पर ले गया।
बैक करने के दौरान बस अनियंत्रित होकर सीधे नीचे 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना में महेश सेमवाल (45) पुत्र ब्रह्मानंद सेमवाल, कुंवर सिंह रजवार (52) पुत्र कलिया सिंह रजवार निवासी मुखेम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस चालक धौतरी लोदाणा निवासी आनंद सिंह पंवार ने उत्तरकाशी जिला अस्पताल ले जाते हुए दम तोड़ दिया।
वहीं ग्राम मुखेम निवासी सुखदेव सिंह भंडारी (45) पुत्र मोलू भंडारी घायल हो गए है। उन्हें प्राइवेट वाहन से उत्तरकाशी ले जाया जा रहा है।
मोहल्ला के प्रधान राजपाल सिंह राणा, पटवारी बलराम आर्य ने दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर घायलों को निकाला। डीएम युगल किशोर पंत और एसडीएम प्रतापनगर बृजेश कुमार मौके के लिए रवाना हो गए हैं। प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों की सरकार हर संभव मदद करेगी।
गणपति को खरोच भी नहीं आई
मुखेम-सिरवाडी मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त हुए बस में बुडकोट गांव का गणपति भी सवार था, लेकिन उन पर खरोच तक नहीं आई। जबकि बस के परखचे उडे़ हुए हैं।
डीजल नहीं होने से नहीं पहुंच पाई 108
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का सरकार डंका पीट रही है, लेकिन मुखेम-सिरवाडी मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त हुई बारात की बस के दौरान 108 सेवा की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
वाहन में डीजल नहीं होने की वजह से 108 एंबुलेंस लंबगांव से मौके पर नहीं पहुंच पाई है। जिससे घायलों को प्राइवेट वाहनों से उत्तरकाशी ले जाना पड़ा। 108 सेवा के ईएमटी गंगा नौटियाल ने बताया कि बजट के अभाव में शुक्रवार शाम से वाहन में डीजल नहीं भराया गया है।
मातम में बदली खुशी
मुखेम गांव के लोग बारात लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। घर के आंगन में नाच गाने के लिए सब कुछ तैयारी पूरी हो चुकी थी, लेकिन इस बीच सिरवाडी बैंड बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही पलभर में ही सारी खुशियां मातम में बदल गई।