उत्तराखंड में आफत की बारिश: मलबे के चपेट में आने से मां-बेटे की मौत, गदेरे में बही महिला
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उत्तराखंड में बारिश ने फिर कहर बरपाना शुरु कर दिया है। शनिवार को गढ़वाल में तीन मौतें हुई। लैंसडौन में बारिश के कारण मां-बेटे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जयहरीखाल ब्लॉक के ल्वींठा गांव में शनिवार सुबह हुई तेज बारिश से मकान की दीवार ढह गई।
इसके मलबे की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत हो गई। वहीं, गैरसैंण में एक गदेरे में बहने से महिला की मौत हो गई। उसका शव कुमाऊं के चौखुटिया क्षेत्र में मिला। लैंसडौन के प्रभारी नायब तहसीलदार कुलदीप रावत ने बताया कि शनिवार सुबह ग्राम ल्वींठा में एक पुस्ता ढह गया जिसका मलबा रघुवीर सिंह के घर की दीवार को तोड़ते हुए अंदर घुस गया।
इस मलबे में घर में सो रही दीपा देवी (30) पत्नी जय सिंह और उसका चार साल का बेटा साहिल दब गए। परिजन उन्हें लैंसडौन अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर एसडीएम सोहन सिंह सैनी, तहसीलदार सुभाष ध्यानी, नायब तहसीलदार कुलदीप रावत ने अस्पताल पहुंच कर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। इस घटना पर विधायक दिलीप रावत ने गहरा दु:ख प्रकट करते हुए पीड़ित परिवार को जल्द 10 लाख के मुआवजे की मांग सीएम से की।
एसडीएम ने बताया कि पीड़ित परिवार को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। उधर, चमोली जिले में गैरसैंण ब्लॉक की कुनीगाड़ मल्ली की विमला देवी (40) पत्नी रघुनाथ सिंह शुक्रवार शाम गांव के गेदेरे को पार करते समय बह गई।
शनिवार सुबह करीब दस किमी दूर कुमाऊं के चौखुटिया के पास गदेरे के किनारे उसका शव मिला। गैरसैंण के तहसीलदार बंशीधर जोशी ने बताया कि शिनाख्त होने पर चौखुटिया पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए रानीखेत ले गई।