उत्तराखंड: कम नंबर आने पर कक्षा नौ की तीन छात्राओं ने खाया जहर, दो की हालत गंभीर
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भगतराम न्यू मॉडर्न स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ने वाली तीन छात्राओं ने नींद की गोलियां खाकर जान देने की कोशिश की। कंडोलिया के जंगल में बेहोश पड़ी छात्राओं को कुछ युवक उठा कर जिला अस्पताल लाए जहां डाक्टरों ने उनकी जान बचा ली।
अस्पताल में फिजिशियन न होने के कारण दो छात्राओं को बेस अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि एक छात्रा को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। एसएसपी ने मामले की जांच की बात कही है।
बृहस्पतिवार को भगतराम न्यू मॉडर्न स्कूल की कक्षा नौ में पढ़ने वाली नाबालिग तीन छात्राओं को दोपहर बाद कुछ युवक बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल लाए। यहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। एक छात्रा पर दवा का कम असर हुआ।
उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद छुट्टी दे दी गई। करीब एक घंटे बाद दोनों छात्राएं भी होश में आईं। मौके पर पहुंची पुलिस को उन्होंने बयान दिए कि वे भगत राम न्यू मॉडर्न स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ती हैं और स्कूल उन्हें जानबूझ कर कम अंक दे रहा है, जबकि ट्यूशन पढ़ने वाले छात्रों को अच्छे अंक दिए जा रहे हैं।
कहा कि उन्होंने परीक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी फिर भी उन्हें फेल किया जाता रहा। बताया कि वे यह सहन नहीं कर पाईं और तीनों ने एक साथ मरने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सुबह बस स्टेशन के नजदीक एक मेडिकल स्टोर से नींद की गोलियां व चूहे मारने की दवा ली। कहा कि तीनों ने मिलकर नींद की आठ-आठ गोलियां खाईं और उसके बाद चूहे मारने की दवा भी खा ली।
एक छात्रा ने हाथ पर ब्लेड से नस काटने की भी कोशिश की। मामले में विद्यालय के प्रबंधक दामोदर ममगाईं ने बताया कि तीन में से दो छात्राएं उत्तीर्ण हैं और एक फेल हुई है। इसमें विद्यालय का कोई दोष नहीं है।
भगत राम न्यू मॉडर्न स्कूल की तीन छात्राओं द्वारा दवा खाकर जान देने कोशिश को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। एसएसपी जेआर जोशी ने कहा कि पुलिस तहरीर का इंतजार नहीं करेगी। स्वयं संज्ञान लेते हुए सतही जांच करेगी। कहा कि दवाइयां डाक्टर की पर्ची पर ही दी जाती हैं और जिस मेडिकल स्टोर ने नाबालिग छात्राओं को दवाइयां दीं, उस पर कार्रवाई की जाएगी।