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यहां हर मिनट में होती है तीन बच्चों की मौत
अमर उजाला, रुड़की
Updated Wed, 28 Aug 2013 10:02 AM IST
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बाल रोग विशेषज्ञों की संस्था आईएपी की ओर से चलाए जा रहे मिशन उदय के तहत वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों को होने वाली विभिन्न बीमारियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
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साथ ही बीमारियों से बचाव को उपचार और सावधानियां भी बताई गई। मुख्यवक्ता डा. प्रवीण कुमार ने बताया कि छोटी-छोटी बीमारियों के चलते हमारे देश में हर मिनट तीन बच्चों की मौत हो जाती है।
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ये बच्चे पांच साल तक के होते हैं। इस मृत्युदर को कम करने के लिए नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से चलाने की जरूरत है। वर्कशॉप में निमोनिया, टीबी, मियादी बुखार, डेंगू, मलेरिया आदि पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
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इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डा. संजय गर्ग, प्रवीण कुमार, डा. सुधीर चौधरी, डा. विजय जायसवाल, डा. संध्या, डा. रितु, डा. एसवी गोयल, डा. राजेंद्र पाल, डा. एसएन बंसल, डा. अरविंद मिश्रा, डा. अंजुल श्रीमाली, डा. संदीप निगम आदि मौजूद थे।
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