माय सिटी रिपोर्टर देहरादून कोरोना संकट के चलते यात्रियों की संख्या बेहद कम होने से बस संचालकों के साथ ही टैक्सी, मैक्सी संचालक भी अपनी व्यवसायिक गाड़ियों को सरेंडर करा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि परिवहन विभाग में सरेंडर कराई जा रही गाड़ियों का आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 20 गुना अधिक है। संख्या के हिसाब से देखें तो पिछले साल देहरादून संभाग में जहां कुल 46 गाड़ियों को सरेंडर किया गया, वहीं इस साल जून माह में ही कुल 927 गाड़ियों को सरेंडर करा दिया गया है। जो अपने आप में बहुत बड़ा आंकड़ा है। आरटीओ डीसी पठाई ने बताया कि देहरादून संभाग में देहरादून कार्यालय में 324 गाड़ियां, ऋषिकेश में 344, विकासनगर में 28, रुड़की में 17, हरिद्वार में 162, टिहरी में 44 और उत्तरकाशी में आठ गाड़ियों को सरेंडर कराया गया है। इस हिसाब से पूरे देहरादून संभाग में कुल 927 गाड़ियों को सरेंडर कराया गया है। जो अपने आप में बहुत बड़ा आंकड़ा है। जबकि पिछले साल जून माह में देहरादून संभाग में कुल 46 गाड़ियों को सरेंडर कराया गया था। जिसमें साल होने वाली गाड़ियों में 21 मालवाहन और 25 यात्री वाहन शामिल थे। जबकि इस साल देहरादून संभाग में 76 मालवाहन और 851 यात्री वाहनों को सरेंडर कराया गया है। आरटीओ डीसी पठाई का कहना है कि जिस हिसाब से गाड़ियों को वाहन स्वामी सरेंडर रहे हैं इससे साबित होता है कि कोरोना संकट के चलते यात्रियों की संख्या तेजी से गिरी है। यात्री सार्वजनिक वाहनों में यात्रा करने से परहेज कर रहे हैं। इतना ही नहीं ऑडियो डीसी पटोरी का यह भी कहना है कि इतनी अधिक गाड़ियों के सरेंडर कराए जाने से परिवहन विभाग को टैक्स के तौर पर लाखों रुपए की भी चपत लगी है। फिलहाल गाड़ियों को तीन माह के लिए सरेंडर किया गया है। आने वाले समय में क्या स्थितियां बनती हैं यह देखने वाली बात होगी।