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इस बार सेब की बंपर पैदावार, घट सकते हैं दाम

Mon, 22 Jul 2019 01:42 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2019 01:42 AM IST
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This time apple bumper yields
सेब से लकदक पेड़। - फोटो : VIKAS NAGAR
जौनसार बावर क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में इस बार सेब की बंपर पैदावार का अनुमान है। उद्यान विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार सेब की पैदावार पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है। पिछले साल कम उत्पादन होने के कारण सेब के दाम काफी अच्छे थे। एक अनुमान के मुताबिक इस बार क्षेत्र में 25 हजार मिट्रिक टन सेब का उत्पादन हो सकता है।
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जौनसार बावर के 15 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सेब की बागवानी की जाती है। पूर्व में यहां के सेब की हिमाचल सेब के नाम से ब्रांडिंग की जाती थी। लेकिन बीते साल ये यहां के सेब को उत्तराखंड एप्पल के नाम से बाजार में बेचे जाने लगा। स्वाद और आकार में उम्दा रेड, गोल्डन रॉयल, और स्पर्श प्रजाति के सेब की यहां पर बंपर पैदावार होती है। इन सेब की दिल्ली, सहारनपुर, कानपुर, मेरठ, आगरा, लखनऊ में भारी डिमांड रहती है। अगस्त से यह सेब मंडियों में बिकना शुरु हो जाता है। यानि जुलाई के अंत तक सेब तोड़ने की तैयारी हो जाती है। बागवान रमेश, प्रदीप, रामलाल आदि का कहना है कि इस साल दिसंबर, जनवरी और फरवरी में भी अच्छी बर्फबारी हुई। जिस कारण इस बार सेब की बंपर पैदावार हुई है। वहीं, बागवान राजू बिजल्वाण, मूरतराम, लच्छीराम ने बताया कि उन्होंने लंबे समय बाद सेब की इतनी अच्छी फसल देखी है। बीते साल कम बर्फबारी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार उम्मीद है कि उनकी अच्छी आमदनी होगी।
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अगले माह से मिलने लगेगा सेब
बागवानों ने बताया कि सेब की शुरुआती प्रजातियों की तोड़ाई शुरू हो चुकी है। यह सेब बाजार में पहुंचने लगे हैं। अभी निचले इलाकों का सेब मंडी में पहुंच रहा है। इस सेब का आकार बेहद छोटा होता है। स्वाद की कसौटी पर भी ये सेब ज्यादा अच्छा नहीं होता। अगस्त का पहला पखवाड़ा बीतते-बीतते ऊंचाई क्षेत्रों में उगने वाला सेब बाजार में पहुंचना शुरू कर देगा।
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सेब और क्वालिटी
मीडियम क्वालिटी वाले रेड जून, समर क्वीन और टाइडमैन अर्ली वर्सेस्टर जैसी शुरूआती किस्में अभी बाजार में पहुंचना शुरू हो गई हैं। अभी रॉयल डिलीशियस, रेड चीफ, सुपर चीफ, ओरेगांव स्पर और स्कारलेट स्पर जैसी अच्छी क्वालिटी के सेब की सप्लाई शुरू नहीं हुई है। अगस्त माह के दूसरे पखवाड़े में इन सेब की सप्लाई भी शुरू हो जाएगी।
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इस साल भारी बर्फबारी और चिलिंग ऑवर पूरे होने से सेब की अच्छी फसल है। अनुमान है कि इस बार उत्पादन 25000 मिट्रिक टन तक पहुंच सकता है।
आरपी जसोला, उद्यान प्रभारी चौसाल
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बीते सालों में सेब का उत्पादन
वर्ष उत्पादन (मिट्रिक टन में)
2017-18 15000
2016-17 16000
2015-16 12000
2014-15 13000
2013-14 11000

चिल्हाड़ गांव में इन दिनों कुछ इस तरह से सेब से लकदक है पेड़।

चिल्हाड़ गांव में इन दिनों कुछ इस तरह से सेब से लकदक है पेड़।- फोटो : VIKAS NAGAR

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