केदारनाथ आपदा में 300 किमी मैराथन से की थी प्रभावितों की मदद , लिम्का बुक में दर्ज हुआ नाम
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उत्तराखंड के अल्मोड़ा में पिलखोली निवासी मैराथन धावक चंदन सिंह नेगी का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज हो गया है। चंदन सिंह ने अपने चार साथियों के संग 2013 में केदारनाथ में आई भीषण आपदा के प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता जुटाने को पिछले साल रानीखेत से केदारनाथ तक 300 किमी की मैराथन दौड़ पूरी की। आपदा प्रभावित दियोली वरम की विधवा महिलाओं के लिए 2.10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी एकत्रित की थी।
चंदन सिंह नेगी यहां पिलखोली गांव निवासी हीरा सिंह नेगी के पुत्र हैं। वर्तमान में वह गुरुग्राम हरियाणा स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं। चंदन ने बताया कि 2014 में उन्हें केदारनाथ में भीषण प्राकृतिक आपदा और वहां हुए नुकसान का पता चला।
तभी से वह प्रभावितों के लिए कुछ करना चाहते थे। 2018 में सुलभ इंटरनेशनल एनजीओ से उनका संपर्क हुआ। सुलभ ने दियोली वरम गांव को गोद भी लिया है। आपदा से दियोली में सबसे अधिक नुकसान हुआ।
इस गांव के कई पुरुषों ने बाढ़ में अपनी जान गवां दी थी। सुलभ के माध्यम से उन्होंने अपने दिल्ली एनसीआर स्थित चार साथियों राजन कचरू, रविंद्र रावत, विकास कौल और अशोक सुयाल के साथ पिछले साल 20 मई को रानीखेत से केदारनाथ के लिए मैराथन शुरू की।
कुल 300 किमी की मैराथन दौड़ उन्होंने पांच दिनों में पूरी की। इसके अलावा लोगों से प्रभावितों के लिए 2.10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी एकत्रित की। बता दें कि चंदन सिंह नेगी 2011 से विभिन्न राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर की मैराथन में भाग ले चुके हैं।
वह फ्रांस, सिंगापुर, थाइलैंड, दिल्ली, चेन्नई और मुंबई में भी मैराथन में प्रतिभाग कर चुके हैं। 2017 में उन्होंने अपने साथियों के साथ रानीखेत से नैनीताल तक मैराथन पांच घंटे में पूरी की थी।