जब लूट छोड़ वन रैंक, वन पेंशन पर बात करने लगे बदमाश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून में सेना से सेवानिवृत्त मेजर जनरल लाल जी देवेन्द्र सिंह की कोठी पर लूटपाट की वारदात पुलिस को भी हैरान परेशान किया हुए है।
आखिर एक जनरल के घर खुद को पाकिस्तानी आतंकी बता कई घंटों तक बंधक बनाए रखने का मकसद क्या हो सकता है। लूटपाट में माल समेटने के बजाए कथित आतंकी वन रैंक वन पेंशन पर जनरल से विचार विमर्श करते रहे। न तो किसी तरह की मारपीट की गई और न ही जोर जबरदस्ती। इन तमाम सवालों के जवाब लुटेरों के हाथ आने के बाद ही सामने आ पाएंगे।
मेजर जनरल (रि) की कोठी परलूटपाट की कहानी भी अनोखी है। अमूमन बदमाशों का इरादा घर में घुसकर नकदी और कैश वसूलकर जल्द से जल्द निकलने का होता है, लेकिन यहां खुद को आतंकी बताने वाले हथियार लेकर तो आए लेकिन कुछ घंटे परिवार को बंधक बना दो तोले के जेवर और पांच हजार की नकदी संग जनरल की बेटी को ले गए।
अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ लूट का मकसद
बेटी को भी ऑटो में सैर सपाटा करवा और लूट से 100 रुपए दे आटो में बैठा घर भेज दिया। यह आतंकित करने से अधिक ड्रामा सा ज्यादा लग रहा है। आखिर कथित पाक आतंकवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम दिए गए कहां गए ? साढ़े चार घंटे तक बंधक बना परिवार को सुरक्षित छोड़ने का कारण भी पुलिस तलाश रही है।
एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि यह वारदात कई मायनों में पुलिस के लिए चुनौती है। घटना को अंजाम देने वाले दो युवकों का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस पीड़ित परिवार से मिली जानकारी और बयानों को आधार बना कई पहलुओं पर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।
पेट्रोल पंप पर नजर, ऑटो चालक की ढूंढ
प्रेमनगर पुलिस ने अपनी जांच पड़ताल पेट्रोल पंप से शुरू की है। बदमाशों केपास बोतल में पेट्रेाल था। पुलिस मान रही है कि बदमाशों ने पास के पेट्रोल से ही तेल लिया होगा। इस लिहाज से कई पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए है। पुलिस उसे ऑटो चालक को भी ढूंढ रही है, जो युवती को घर तक छोडकर गया थ्रा।
बच गई लाइसेंसी बंदूक
मेजर जनरल (रि) की लाइसेंसी बंदूक भी लुटने से बच गई। कोठी की अलमारी में उनकी लाइसेंसी बंदूक भी थी। शायद बदमाशों को इस बात का इल्म नहीं था, अन्यथा वह भी बदमाश ले जा सकते थे।