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ITI करने की सोच रहे हैं तो पहले पढ़ लें ये खबर, फिर लें फैसला
विजेंद्र श्रीवास्तव/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 19 Jun 2017 08:47 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : source
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उत्तराखंड सरकार ने 30 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को बंद करने का फैसला लिया है। इनमें से अधिकांश आईटीआई ऐसे हैं, जो केवल कागजों में चल रहे हैं।
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इसके अलावा 17 आईटीआई में कई ट्रेड बंद कर दिए गए हैं। श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने तकनीकी शिक्षा से जुड़े अधिकारियों के साथ मीटिंग में आईटीआई के हालातों के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि कई आईटीआई केवल नाम भर के हैं, जो संचालित नहीं हो रहे।
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इसके अलावा कई ट्रेड समय के हिसाब से पुराने हो चुके हैं या फिर प्रशिक्षुओं की संख्या बेहद कम है। श्रम मंत्री के अनुसार कई आईटीआई केवल राजनीतिक कारणों से खोले गए, उनका धरातल पर कोई काम नहीं है।
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अब ऐसे आईटीआई को बंद करने का फैसला लिया गया है। कई आईटीआई में फैकल्टी, स्टाफ, प्रशिक्षुओं की संख्या कम है, उनको दूसरे आईटीआई में शिफ्ट किया जाएगा। ताकि जिन आईटीआई को चलाया जाए, वहां किसी भी प्रकार की कमी न हो।
25 आईटीआई का कायाकल्प करने की भी तैयारी
cm trivendra singh rawat
बताया कि विश्व बैंक के सहयोग से 25 आईटीआई का कायाकल्प करने की भी तैयारी है। इसमें प्रत्येक आईटीआई पर 25 करोड़ खर्च होगा। यहां पर नए ट्रेड शुरू किए जाएंगे। उधर, अपर सचिव पंकज पांडेय ने कहा कि आईटीआई की गुणवत्ता में सुधार को लेकर कई कदम उठाए जा रहे हैं।
कागजों में आईटीआई
जो आईटीआई सिर्फ कागजों पर हैं, उनको विभाग ने ‘असंचालित आईटीआई’ नाम दिया गया है। इनमें भिक्यिासैंण(अल्मोड़ा), बसौली व ताकुला(बागेश्वर), देवलथल, चहज व नाचनी(पिथौरागढ़), मझेड़ा(अल्मोड़ा), सहिया, बसौली, लाखामंडल (देहरादून), खाड़ी (टिहरी), भटवाड़ी(उत्तरकाशी), जिलासु (चमोली) आदि हैं। इनकी सूची विभाग ने तैयार की है।
17 आईटीआई में ट्रेड बंद
प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने 17 आईटीआई में कई ट्रेड बंद कर दिए हैं। इसमें से अल्मोड़ा, ब्राइकार्नर, भवाली, रामनगर, अस्कोट, काशीपुर युवक, दिनेशपुर, अंजनीसैंण, मुनिकीरेती, चिन्यालीसैंण, उत्तरकाशी और ऊखीमठ में कटिंग एंड स्वीईंग ट्रेड, हल्द्वानी महिला में मैकेनिक इलेक्ट्रानिक्स, बेतालघाट में वायरमैन, काशीपुर महिला में इलेक्ट्रानिक्स, रौडधार में आशुलिपिक हिंदी, जयंती में आशुलिपिक हिंदी का ट्रेड बंद कर दिया गया है। इन ट्रेडों में प्रशिक्षुओं की संख्या अधिकतम पांच तक ही थी।
कागजों में आईटीआई
जो आईटीआई सिर्फ कागजों पर हैं, उनको विभाग ने ‘असंचालित आईटीआई’ नाम दिया गया है। इनमें भिक्यिासैंण(अल्मोड़ा), बसौली व ताकुला(बागेश्वर), देवलथल, चहज व नाचनी(पिथौरागढ़), मझेड़ा(अल्मोड़ा), सहिया, बसौली, लाखामंडल (देहरादून), खाड़ी (टिहरी), भटवाड़ी(उत्तरकाशी), जिलासु (चमोली) आदि हैं। इनकी सूची विभाग ने तैयार की है।
17 आईटीआई में ट्रेड बंद
प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने 17 आईटीआई में कई ट्रेड बंद कर दिए हैं। इसमें से अल्मोड़ा, ब्राइकार्नर, भवाली, रामनगर, अस्कोट, काशीपुर युवक, दिनेशपुर, अंजनीसैंण, मुनिकीरेती, चिन्यालीसैंण, उत्तरकाशी और ऊखीमठ में कटिंग एंड स्वीईंग ट्रेड, हल्द्वानी महिला में मैकेनिक इलेक्ट्रानिक्स, बेतालघाट में वायरमैन, काशीपुर महिला में इलेक्ट्रानिक्स, रौडधार में आशुलिपिक हिंदी, जयंती में आशुलिपिक हिंदी का ट्रेड बंद कर दिया गया है। इन ट्रेडों में प्रशिक्षुओं की संख्या अधिकतम पांच तक ही थी।