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इसे कहते हैं पुलिस की असंवेदनशीलता की हद
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 14 Jan 2014 09:36 AM IST
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सुरक्षा जागरूकता शिविर में महिलाओं और लड़कियों के लिए मदद के दावे करने वाली देहरादून पुलिस असंवेदनशील नजर आती है।
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इसकी पुष्टि इससे भी होती है कि इस साल घरेलू हिंसा के 159 और दहेज हत्या के 9 मामलों में पुलिस अब तक किसी को सजा नहीं दिला पाई है।
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इनके अलावा भी महिलाओं के खिलाफ कई वारदातें हुईं हैं जिन पर पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
घरेलू हिंसा में नहीं मिला न्याय
घरेलू हिंसा के दर्ज 159 मामलों में से केवल 86 मुकदमों में ही पुलिस अदालत में चार्जशीट दाखिल कर पाई है। 61 मामलों की विवेचना लंबित है।
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घरेलू हिंसा का शिकार हुई 12 महिलाएं कहां हैं पुलिस को पता ही नहीं है। दहेज हत्या के 9 मामलों में छह में ही चार्जशीट लगी है। तीन की विवेचना चल रही है।
इन हत्याओं का नहीं हुआ खुलासा
राजेश शर्मा हत्याकांड : महिलाओं पर होने वाले जघन्य अपराधों को रोकने और अपराधियों को पकड़ने के मामले में भी पुलिस फिसड्डी साबित हुई है।
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पूर्व जिला होम्योपैथी अधिकारी डा. जेपी शर्मा की पत्नी राजेश शर्मा (70) की 7 सितंबर 2013 को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। हत्यारे अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
नीरू सैनी हत्याकांड : राजेश शर्मा की हत्या के तीन दिन बाद ही 10 सितंबर को बदमाशों ने दिनदहाड़े तेगबहादुर रोड पॉश एरिया में ठेकेदार सतेंद्र सैनी की पत्नी नीरू सैनी (40) की हत्या कर दी गई। इस मामले में भी पुलिस अभी तक अपराधियों को नहीं पकड़ पाई है।
गर्भवती युवती की सिर कटी लाश : बदमाशों ने गर्भवती युवती की हत्या कर उसकी लाश नग्न हालत में राजभवन के पास फेंक दी थी। 13 नवंबर को लाश बोरे में मिली। युवती और उसके पेट में पल रहे आठ माह के गर्भस्थ शिशु की हत्या करने वालों की गिरफ्तारी में भी पुलिस संवेदनहीन नजर आ रही है।
गीता गुंसाई हत्याकांड : 21 अक्तूबर 2005 को श्यामपुर, प्रेमनगर निवासी गीता गुंसाई के परिजनों को पुलिस आज तक न्याय नहीं दिला पाई है। गीता का अधजला शव 23 अक्तूबर को गांव तल्ला नांगल में नहर से बोरी में मिला था।
अंशु नौटियाल हत्याकांड : वर्ष 2009 में बदमाशों ने डीएवी की छात्रा अंशु नौटियाल की हत्या कर शव डीएम आवास के बाहर फेंक दिया था। इतने सालों बाद भी पुलिस अंशु के हत्यारों को पकड़ नहीं पाई है। जिस युवक को पुलिस ने हत्यारा बताकर पकड़ा था वह निचली अदालत से बरी हो चुका है।